शिमला, सुरेन्द्र राणा: सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन संगठन का प्रदर्शन बोले सुक्खू सरकार ने बंद की सहारा पेंशन, बोले मांगे नहीं मानी तो अब करेंगे नग्न प्रदर्शन सरकार होगी जिम्मेदार। एंकर,,,दो सालों से शिमला में अपनी मांगों को लेकर डटे दृष्टिहीन संघ ने आज एक बार फिर से प्रदेश सचिवालय के बाहर छोटा शिमला में धरना प्रदर्शन किया। दृष्टिहीन संघ विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को एक मुफ्त भर्ती मेले के द्वारा भरने का आग्रह सरकार से कर रहा है उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर अब भी सरकार नहीं मानी तो आमरण अनशन और उसके बाद नग्न प्रदर्शन करेंगे जिसकी जिम्मेदार सरकार होंगी।दृष्टिहीन संघ का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने पूर्व जयराम सरकार के समय में शुरू की गई 3 हजार की सहारा पेंशन को बंद कर दिया है। उन्हें 17 सौ रूपये पेंशन मिलती है सरकार अगर नौकरी नहीं देना चाहती तो कम से कम 5 हजार प्रति माह पेंशन दी जाए।
दृष्टिहीन जन संगठन के सचिव राजेश ठाकुर ने बताया कि वह विभिन्न विभागों में खाली पड़े दृष्टिहीनों कोटे के बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं। सरकार से कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं, जिसके चलते दृष्टिहीन संघ धरने के साथ कई बार चक्का जाम कर चुका है। जब वह चक्का जाम करते हैं तो उन्हें वार्ता के लिए बुलाया जाता है। लेकिन बाद में कुछ नहीं होता।उन्होंने कहा कि वह पिछले लंबे समय से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे है लेकिन बजट में दृष्टिहीनों का ख्याल नहीं रखा गया न ही उनको नौकरी दी जा रही है। लंबे अरसे से दृष्टिहीन कोटे के विभिन्न विभागों में पद खाली चल रहे हैं लेकिन सरकार इसमें भर्तियां नहीं कर रही है।
