शिमला, सुरेंद्र राणा: आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को सचिवालय में लगाने का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को दूसरे कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति पर दो आईएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलकर विरोध जताया। सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारियों की एसोसिएशन में लंबी चर्चा के बाद सरकार के इस फैसले का विरोध किया गया है। आईएएस एसोसिएशन के दो वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से प्रशासनिक सचिवों की बैठक के बाद मिले। इन्होंने दूसरे कैडर के अफसरों को सरकार में प्रशासनिक सचिव लगाने का विरोध दर्ज कराया।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने इस दौरान दोनों आईएएस अधिकारियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सभी कैडर के अधिकारियों का ध्यान रख रही है। आईएएस अधिकारियों को उचित मान-सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर प्रदेश हित में काम करें, ताकि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। बता दें कि सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अभिषेक त्रिवेदी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का सचिव और आईएफएस अधिकारी सुशील कुमार सिंघला को पर्यावरण, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग का सचिव लगाया है।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता को बधाई देने के लिए शुक्रवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि सचिवालय पहुंचे। प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में संजय गुप्ता से मुलाकात की। संगठन ने उन्हें मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्य सचिव ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्ण विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के महासचिव कमल कृष्ण शर्मा, वरिष्ठ उप-प्रधानं रमन शर्मा, उप-प्रधान महेंद्र, कोषाध्यक्ष रामपाल शर्मा, सदस्य पुष्पलता, जगमेश सिंह, कुलदीप, सुभाष भारद्वाज, मिथुन तथा अन्य शामिल रहे। इनके अलावा सचिवालय चालक संघ, पीए-पीएस संघ सहित कई अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने भी संजय गुप्ता को बधाई दी।
