जीएसटी के सकारात्मक प्रभाव से हिली कांग्रेस की सत्ता, कांग्रेस बौखलाई : राकेश

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शिमला, सुरेन्द्र भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि
जीएसटी के सकारात्मक प्रभाव से हिली कांग्रेस की सत्ता, सभी कांग्रेस के नेता एवं मंत्री बिना सोचे समझे बयान बाजी कर जनता का ध्यान भटकने का असफल प्रयास कर रहे हैं। एक ही दिन में दो कैबिनेट मंत्रिमंडल के मित्रों ने जीएसटी के खिलाफ मोर्चा खोला और अगर उनकी बात सुनो तो उसमें केवल मात्र शून्य ज्ञान था।

मुख्य प्रवक्ता राकेश ने कहा कि एक कैबिनेट मित्र तो जजिया लगाने की बात कर गए। पर हम उनसे पूछना चाहते हैं कि हिमाचल में मंदिरों में देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए किसने जजिया लगाया, जहां केंद्र सरकार जनता को राहत देने में लगी है वहीं हिमाचल प्रदेश की सरकार उसे राहत को छीनने का प्रयास कर रही है। अगर कांग्रेस के वक्ता डीजल की बात करते हैं तो भारतीय जनता पार्टी की केंद्र शासित सरकार ने डीजल पर रेट कटौती में कोई कमी नहीं छोड़ी उसके विपरीत हिमाचल प्रदेश की सरकार ने सत्ता में आते ही डीजल के ऊपर 7.50 रु वैट बढ़ा दिया, यह कांग्रेस सरकार के जन विरोधी चेहरे का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जीएसटी के नुकसान की बात कांग्रेस पार्टी के नेता कर रहे हैं, पर हिमाचल प्रदेश में 50 से अधिक उद्योग काम छोड़कर भाग गए, यह भी एक कारण है जिससे जीएसटी गिरा है। इसके बारे में उनका जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पिछली सरकारों में विधायक थे और उनको रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट के बारे में भली भांति पता था तो अब इस ग्रांट को केवल मात्र राजनीतिक मुद्दा बनाकर राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के नेता कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि हम हमारे जीडीपी के स्ट्रक्चर को देखें, तो वर्तमान में देश की हमारी जीडीपी 330 लाख करोड़ रुपए है। इसमें 202 लाख करोड़ रुपए हमारी खपत है। पिछली वित्तीय वर्ष 23-24 में यह खपत 181 लाख करोड़ रुपए थी। यानी 181 लाख करोड़ से बढ़कर 202 लाख करोड़ हुआ, जो लगभग 12% की ग्रोथ दर्शाता है।

अब जो जीएसटी के सुधार आए हैं, उनसे खपत में इतनी महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है कि जीडीपी में कम से कम 20,00,000 करोड़ रुपए का इजाफा होगा। यह एक बड़ा सुधार है, जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। निवेश की बात करें तो पिछले वर्ष देश का कुल निवेश 98 लाख करोड़ रुपए था। जब मांग बढ़ती है, तो नई फैक्ट्रियां लगती हैं, नए प्रोजेक्ट आते हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। इस तरह, जीएसटी सुधारों के कारण निवेश में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिलेगी।

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