शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर बनाने के लिए अनुमति लेनी होगी। लोगों को मकान का नक्शा नगर एवं ग्राम नियोजन (TCP) विभाग की तर्ज पर तैयार करवाना होगा, जिसे पंचायत से स्वीकृति दी जाएगी। सरकार इस नई व्यवस्था को जल्द लागू करने जा रही है। इसके बाद लोग बिना अनुमति के घर नहीं बना पाएंगे। पिछले 3 सालों में आपदाओं से हुए बड़े नुकसान को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि पंचायतों को घर बनाने की अनुमति देने का अधिकार दिया जा रहा है। छोटे मकानों के लिए एक साधारण डायग्राम पंचायत से पास होगा, जबकि बड़े भवन निर्माण (600 वर्ग मीटर से अधिक) की अनुमति अब भी TCP विभाग ही देगा। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य सुनियोजित विकास करना और आपदाओं में होने वाले नुकसान को कम करना है।
इस दौरान मंत्री राजेश धर्माणी ने जीएसटी को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को स्लैब कम करने का श्रेय लेने के बजाय देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
राजेश धर्मानी ने कहा कि जीएसटी स्लैब कम होने से लोगों को फायदा जरूर होगा, लेकिन 2017 से 2025 तक अतिरिक्त टैक्स लेकर जनता का शोषण भाजपा सरकार ने किया है। कांग्रेस और राहुल गांधी शुरू से ही इसका विरोध कर रहे थे और इसे गब्बर सिंह टैक्स कह रहे थे। भाजपा को इसका श्रेय लेने के बजाय गलती माननी चाहिए।
सांसद कंगना रनौत द्वारा मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं पर की जा रही लगातार टिप्पणियों पर भी मंत्री राजेश धर्माणी ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि कंगना रनौत के बयानों को ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। भाजपा और आरएसएस अपने विचार सांसद कंगना रनौत के जरिए कहलवाते हैं। धर्माणी ने कहा कि गांधी परिवार ने हमेशा जिम्मेदारी से देश की सेवा की है। आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद भी गांधी परिवार ने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं।
