शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा प्रभावितों को एक बीघा जमीन दी जाएगी। हिमाचल सरकार के पास अपनी जमीन नहीं है। सारी जमीन वन अधिनियम के दायरे में है, ऐसे में राज्य सरकार जमीन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। इससे पहले आपदा पर चर्चा के बाद जब राजस्व मंत्री जगत सिंह जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ही आपदा पर चर्चा का प्रस्ताव सदन में लाया। अब जब राजस्व मंत्री जवाब दे रहे हैं तो वह खुद सदन में नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी में भाजपा के विधायक बाहर चले गए। इससे यह लगता है कि वह आपदा को लेकर प्रभावितों के प्रति कितने संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि आपदा किसी को बोलकर नहीं आती है। हिमाचल के बाद उत्तराखंड में आपदा आई। इसके बाद किश्तवाड़ में आपदा ने तबाही मचाई। किश्तवाड़ में जिन लोगों के भवन आपदा में ढह गए उन्हें 1.30 लाख मकान बनाने के लिए दिए गए। हिमाचल सरकार के आपदा प्रभावितों को मकान बनाने के लिए 7 लाख दे रही है। वहीं, अन्य सामान जो बह गया है, उसके अलग से 70 हजार देने की घोषणा की गई है। आपदा पैकेज पूरे प्रदेश में लागू होगा। विपक्ष का काम हमेशा ही राजनीति करना रहा है।
