पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: पंजाब के वित्त मंत्री एवं युद्ध नशों विरुद्ध कैबिनेट सब कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज घोषणा की कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के पूर्व सुरक्षा अधिकारी जोगा सिंह की गिरफ्तारी 2015 के गुरदेव सिंह देबी ड्रग रैकेट के पीडि़तों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इस मामले में दशकभर से चली आ रही देरी, आरोपियों के शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेतृत्व से राजनीतिक संबंधों के कारण हुई है। यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोगा सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम का विवरण दिया। 28 सितंबर 2023 को आरोपी नामित होने के बाद से ही जोगा सिंह फरार था।अक्तूबर 2023 में फाजिल्का की सेशन अदालत और जनवरी 2024 में हाई कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस के कई छापों के बावजूदए वह फरार रहा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 1 मार्च 2025 से शुरू हुई प्रदेश की युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम की अब तक की सफलता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 16062 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 25177 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, नशा तस्करों से संबंधित 178 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। अब तक जब्त किए गए नशीले पदार्थों में 1044 किलोग्राम हेरोइन, 21309 किलोग्राम भूकी, 365 किलोग्राम अफीम और लगभग 32 लाख गोलियां व कैप्सूल शामिल हैं।
