दिल्ली: सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख से घबराया पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों की शरण में पहुंच गया है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष भारत के फैसले का मुद्दा उठाते हुए संधि को ‘पूरी तरह लागू’ कराने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की ओर से लिखा गया पत्र यूएन जनरल असेंबली के अध्यक्ष को सौंपा है।
इस पत्र में भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने को ‘क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा’ बताया गया है। भारत के फैसले से तिलमिलाए पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह भारत से सिंधु जल संधि को पूरी तरह बहाल करने का आह्वान करे। पत्र में कहा गया है कि भारत का फैसला पाकिस्तान में मानवीय संकट पैदा कर सकता है। साथ ही, भारत पर ‘प्रचार अभियान’ चलाने का आरोप लगाते हुए कश्मीर मुद्दे को भी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया गया है।
