शिमला, सुरेन्द्र राणा: पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के प्रदेश सचिव जनरल भूप राम वर्मा ने बताया कि हाल ही में संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी के एक शिष्टमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और उन्हें 18 सूत्रीय मांगपत्र आवश्यक कार्यवाही हेतु सौंपा गया।वर्मा ने कहा कि सरकार के पास पिछले वर्षों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कई वित्तीय लाभ लंबित हैं। विशेषकर 01 जनवरी 2016 से लागू छठे वेतनमान के तहत लंबित बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है।उन्होंने बताया कि 08 सितम्बर 2022 के सरकार के आदेशानुसार, सेवानिवृत्त पेंशनर्स/परिवार पेंशनर्स को क्रमशः 50% और 30% मैट्रिक्स के तहत संशोधित एरियर का भुगतान किया जाना था, लेकिन अभी तक लगभग 25,000 से अधिक केस (Pre-2016) महालेखाकार, हिमाचल प्रदेश कार्यालय से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं।वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ विभागीय डीडीओ (DDO) ने भी अभी तक AG, HP कार्यालय को पेंशनरों के केस नहीं भेजे हैं, जिससे हजारों पात्र पेंशनर्स इस लाभ से वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी विभागाध्यक्षों को आदेश दे कि वे तुरन्त शेष मामलों को महालेखाकार कार्यालय को भेजेंउन्होंने प्रदेश के सभी पेंशनर्स से आग्रह किया कि वे अपने जिलों के अध्यक्षों के माध्यम से ऐसे पेंशनरों की सूची उपलब्ध करवाएं जिनके मामले अभी तक एजी कार्यालय में लंबित हैं या जिन्हें संबंधित डीडीओ ने भेजा ही नहीं है।भूप राम वर्मा ने आगे जानकारी दी कि अगले सप्ताह प्रदेश कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य महालेखाकार, हिमाचल प्रदेश से भेंट करेगा और एक ज्ञापन सौंपकर इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की मांग करेगा।एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया है कि पेंशनरों की लंबित समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाए ताकि वृद्धावस्था में उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि 18 सूत्रीय मांगों पर 23 अगस्त तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेगा।
