शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश में सोमवार से एक नया इतिहास बनने जा रहा है। पहली बार चार दिन लगातार कैबिनेट की बैठक होगी।कैबिनेट
बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी और उसके अगले तीन दिन भी इसी समय पर कैबिनेट बैठक की जाएगी। प्रदेश सरकार के मंत्री शिमला पहुंच गए हैं, जो इन बैठकों में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में कई महत्त्वपूर्ण फैसले होने हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को कैबिनेट के पहले दिन आपदा पीडि़तों को राहत का बड़ा पैकेज सरकार घोषित कर सकती है। इसकी तैयारी कर ली गई है।राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने फील्ड में जाकर जो घोषणाएं की हैं उनको सिरे चढ़ाया जाएगा।मंत्रिमंडल की बैठकें 28 जुलाई से 31 जुलाई तक रोजाना की जाएगी। इसका समय दोपहर 12 से दो बजे तक रखा गया है। चार दिनों के लिए सभी एजेंडों को अलग-अलग बांट दिया गया है। लगभग हरेक विभाग की ओर से कैबिनेट को एजेंडा आइटम भेजी गई हैं। हर दिन मंत्रिमंडल दो घंटे तक महत्त्वपूर्ण मामलों में चर्चा करेगा। इससे पहले कैबिनेट की बैठक 24 जुलाई को तय हुई थी जो अपरिहार्य कारणों से नहीं हो पाई थी। कैबिनेट की बैठकों में आपदा राहत पैकेज पर फैसला हो सकता है।
राज्य सरकार ऐसी बिजली परियोजनाओं को रद्द कर सकती है, जिन्हें आबंटित हुए कई साल हो गए लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट लगे नहीं हैं। कैबिनेट की बैठक में शिक्षा से संबंधित कुछ मामले पिछली कई बैठकों से लंबित हैं। इसमें कालेज युक्तिकरण से लेकर ब्वायज और गल्र्ज स्कूलों का मर्जर भी शामिल है। जलशक्ति विभाग में जलरक्षकों को पक्का करने का मामला भी कैबिनेट में जा सकता है।
कैबिनेट की लगातार चार दिन चलने वाली बैठक में मानसून सत्र की तारीख भी तय हो जाएगी। हिमाचल विधानसभा इसके लिए तैयारी कर रही है और करीब पांच दिन का यह सत्र हो सकता है। अभी तक चल रही चर्चा के अनुसार 20 अगस्त के आसपास सत्र घोषित किया जा सकता है।
