शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है।2023 की तर्ज पर इस बार भी आपदा प्रभावितों को मकान पूर्णता क्षतिग्रस्त होने पर 7 लाख, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान पर एक लाख, घरों के सामान बहने के लिए मकान मालिक को 70 हजार और किराएदार को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे इसी तरह जमीन और पशुधन पर सरकार मुआवजा देगी।
कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल सरकार ने 2023 और 2024 की तर्ज पर इस बार भी आपदा प्रभावितों को सरकार विशेष राहत पैकेज दे रही है। मंडी जिला के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों जहां भी आपदा से नुकसान हुआ है वहां विशेष राहत पैकेज दिया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने पेपर लीक के लिए बिल को मंजूरी दी है जिसमें पेपर लीक करने अथवा करवाने वाले को 3 साल की सजा का प्रावधान होगा। इसके अलावा कैबिनेट ने आईजीएमसी में एनेस्थीसिया और रेडियोलोजिस्ट के पदों को 10 से बढ़ाकर 50 करने को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने IGMC शिमला के कैंसर अस्पताल में पेट स्कैन सुविधा जल्द शुरूकरने को भी मंजूरी दी है। सभी उपकरण व बिल्डिंग तैयार हैं। इलाज जल्द आरंभ होगा।
कैबिनेट ने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत जो महिला मंडल या युवक मंडल वन भूमि पर वृक्षारोपण करेंगे उन्हें 1.40 लाख रुपए शुरुआती राशि और बाद में सरवाइवल दर के अनुसार इन्सेंटिव मिलेगा। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और रोजगार दोनों में अहम साबित होगी।
