शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अकेले इस सीजन में अब तक 25 बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। अब इन घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए केंद्रीय टीम शिमला पहुंची है। टीम ने आज राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की और फील्ड सर्वे की योजना तैयार की।वीओ,,,राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव और निदेशक डीसी राणा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्र सरकार ने यह टीम भेजी है। यह टीम पहले फील्ड से डेटा जुटाएगी — और फिर मौसम विज्ञान केंद्र, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों से तकनीकी जानकारी इकट्ठा करेगी।
उन्होंने कहा कि 2023 के बाद से हिमाचल में बादल फटने की घटनाएं काफी तेजी से बढ़ी हैं। अब पहली बार वैज्ञानिक आधार पर इन घटनाओं का अध्ययन किया जाएगा। डीसी राणा ने यह भी बताया कि इस बार मानसून में भीषण तबाही हुई है। जुलाई के पहले हफ्ते में ही भारी बारिश से व्यापक नुकसान हुआ। अब तक 137 लोगों की जान जा चुकी है और राज्य को 1200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
