हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत हिमाचल प्रदेश को दिए 521.68 करोड़ रुपए के खर्चे की जांच करने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य सचिव द्वारा इस बाबत दिए विवरण को अस्पष्ट बताते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिए कि वह राज्य सरकार द्वारा दिए गए खर्च से जुड़े विवरण की पड़ताल करे। हाई कोर्ट ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 521.68 करोड़ रुपए की अनुदान सहायता के उपयोग के बारे में सभी आवश्यक विवरण की जानकारी देने के आदेश जारी किए थे। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने इस बाबत स्वास्थ्य सचिव द्वारा दायर शपथपत्र को अस्पष्ट बताते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिए कि वह राज्य सरकार द्वारा दिए गए विवरण सत्यापन करने के पश्चात चार सप्ताह के भीतर जरूरी शपथपत्र दायर करें। कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को यह बताने के आदेश भी दिए थे कि दिसंबर 2024 में स्थानांतरित किए गए 93 चिकित्सा अधिकारियों में से कितने ने वास्तव में नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण किया है और कार्यमुक्त होने के बावजूद कितने डाक्टरों ने अपने नए स्टेशनों पर कार्यभार क्यों नहीं संभाला है और क्या उक्त अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने 21 डाक्टरों के स्थानांतरण आदेशों को रद्द करने के कारण भी पूछे थे।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव द्वारा दायर शपथपत्र का अवलोकन करने पर पाया कि 11 डाक्टरों को अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में समायोजित किया गया है और 93 डाक्टरों में से 32 के स्थानांतरण रद्द कर दिए गए है, जिन्हें 23 दिसंबर, 2024 की अधिसूचना के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि स्पष्ट रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कम से कम 43 स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है। सरकार का कहना था कि 11 और डाक्टरों को विभिन्न रिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात करने का आदेश दिया गया है और वे सभी मार्च से जून 2025 के बीच कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि अभी भी कम से कम 32 और डाक्टरों की कमी है, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किया जाना है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के पश्चात हाई कोर्ट ने उपरोक्त आदेश जारी किए हैं।
