मंडी, काजल: मंडी जिला के सराज क्षेत्र में आपदा पीडि़तों की मदद के लिए अब भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है। सेना का एक दल शुक्रवार को सराज क्षेत्र में पहुंचा और पहले ही दिन दुर्गम क्षेत्र में प्रभावित लोगों को राशन सहित अन्य सामान पहुंचने का काम शुरू कर दिया। केंद्र सरकार भी आपदा को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सेे फोन पर वार्ता कर आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद देने की बात कही है। मंडी में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ टीमों द्वारा राहत व बचाव कार्य पांच दिनों से निरंतर जारी है। वहीं अब सेना की टुकड़ी पहुंचने से लोगों की मदद करने में तेजी आएगी। जिला मुख्यालय से जंजैहली के खनुखली हेलिपैड के लिए वायु सेना के हेलिकाप्टर के माध्यम से राहत सामग्री भेजी गई।
पहली उड़ान में 40 राशन किट, 20 तिरपाल, 120 पानी की बोतलें, दो बॉक्स दवाइयां एवं दो बॉक्स कपड़े सहित अन्य सामग्री भेजी गई । हालांकि जंजैहली में मौसम विपरीत होने से रैणगलू में ही हेलिकॉप्टर उतार लिया गया।शुक्रवार को रेस्क्यू टीम को लापता पार्वती देवी पत्नी झाबे राम निवासी स्यांज का शव मिला है। इससे अब मरने वालों का आंकड़ा 17 हो गया है। सराज, थुनाग, स्यांज सहित अन्य क्षेत्रों से लापता चल रहे लोगों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 15 लोगों की ही मौत हुई है। आपदा से प्रभावित गोहर उपमंडल को अब तक सात लाख रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।
जिला में अभी तक दो एनएच सहित 156 सडक़ें बंद पड़ी हुई है। सराज क्षेत्र में सबसे अधिक 41 सडक़ें बंद है, जबकि 306 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हुए है। इससे सैकड़ों गांवों में अभी भी अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार मंडी जिला में नौ जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। विशेष रूप से छह जुलाई दोपहर से सात जुलाई दोपहर तक रेड अलर्ट घोषित किया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नागरिकों से अत्यंत सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग अनावश्यक रूप से नदियों, नालों, और भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों के समीप न जाएं।
