शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से गलत रिजल्ट बनाने वाले पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों से 10 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है, उसके उपरांत इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदेश के हज़ारों छात्रों के भविष्य से जुड़े हुए मामले में बड़ी लापरवाही करते हुए अंग्रेजी विषय का गलत रिजल्ट जारी किया गया था। उक्त विषय को जोर-शोर से उठाने के बाद सरकार ने भी जांच शुरू कर दी है, जबकि स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से भी अब कड़ी कार्रवाई किए जाना तय माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से जमा दो के अंग्रेजी के मार्च माह में चुवाड़ी में गलती से प्रश्रपत्र खुलने के बाद स्थगित किए गए पेपर की आंसर-की से नए एग्जाम की ओएमआर शीट से जांच करने पर गलत रिजल्ट जारी किए जाने संबंधी मामले में बोर्ड की संबंधित शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं इसका जवाब 10 दिनों के भीतर ही देना होगा, अन्यथा बड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस मानवीय त्रुटि को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने संबंधित शाखा के चार-पांच अधिकारियों व कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी, जिसमें तथ्य जांच की रिपोर्ट बोर्ड के पास पहुंचने उपरांत अब संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
उधर, इस संबंध में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि गलत रिजल्ट जारी होने के संबंध में स्कूल शिक्षा बोर्ड के पास तथ्य जांच रिपोर्ट पहुंच गई थी, जिसके आधार पर बोर्ड द्वारा चार से पांच अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और इसका जवाब 10 दिन के अंदर मांगा है।जमा दो की अंग्रेजी परीक्षा में सामने आई थी गंभीर चूकजमा दो की अंग्रेजी परीक्षा में गंभीर चूक सामने आई थी, जिसके चलते छात्रों के प्राप्तांक गलत घोषित हो गए, जिससे परीक्षा परिणाम में त्रुटि सामने आई थी। हालांकि, बोर्ड की ओर से बाद में जो ओएमआर शीट्स मूल्यांकन के लिए भेजी गईं, उनमें नई परीक्षा के बावजूद पुरानी उत्तरकुंजी का इस्तेमाल कर लिया गया। इससे मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों के 16 अंकों के मूल्यांकन में त्रुटि हो गई थी। इसके बाद अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की ओएमआर शीट्स को सही उत्तरकुंजी के आधार पर दोबारा जांचने के बाद संशोधित परिणाम घोषित किया गया था, जिसके बाद केवल अंग्रेजी विषय के अंक ही बदले गए थे।
