हिमाचल में फसलों पर मौसम की मार, फलों और गेहूं की फ़सल को भारी नुक्सान,हिमाचल में स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर सियासत तेज

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से बागवानों को काफी नुकसान हो रहा है। बेमौसमी बारिश से सेब की फसल हो ही शुरुआती आंकलन के मुताबिक 40 फ़ीसदी नुकसान हो चुका है। पिछली मर्तबा सेब की फसल अच्छी थी लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी के चलते फसल कम होगी। सेब ही नहीं बल्कि अन्य फलों व फसलों पर भी मौसम की मार पड़ी है।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल लगातार आपदाओं से गुजर रहा है और केंद्र सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रहा है। सरकार ने हिमाचल को दी जाने वाली आर्थिक राहत पर बंदिशे लगा दी, यहां तक की आरडीजी बंद कर दी गई। बावजूद इसके हिमाचल सरकार बेहतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार को बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई के लिए मदद करनी चाहिए।

हिमाचल में स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर सियासत गरमाई हुई हैं। क्योंकि इन चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल भी माना जाता है। स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर रोहित ठाकुर ने बताया कि इन चुनावों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। कांग्रेस पार्टी चुनावों में बढ़त बनाएगी। नगर निगम के चुनाव ही पार्टी सिंबल पर है। बाकी नॉन पार्टी सिम्बल पर हैं। लेकिन भाजपा ने पहले ही जिला परिषद उम्मीदवारों की सूची जारी कर नई परंपरा शुरू की है।

वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तय मानकों के मुताबिक 100 शिक्षण संस्थानों में अभी भी विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर हैं। ऐसे संस्थानों को बंद करने की फाइल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दफ्तर में है। ऐसे स्कूलों को बंद करने पर अंतिम फैसला सीएम ही लेंगे। दस जमा दो के परीक्षा परिणाम पर संतोष जाहिर करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चों ने इस बार टॉप किया है। ये शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का नतीजा है।

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