शिमला, सुरेंद्र राणा: केंद्र की तर्ज पर ही हिमाचल में भी जीएसटी उगाही में बड़ा उछाल देखने को मिला है। गत साल के मुकाबले नौ फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। आबकारी कराधान विभाग ने वित्तीय वर्ष के पहले महीने के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, जो विभाग और सरकार दोनों के लिए राहत भरे हैं। अप्रैल माह में आबकारी और कराधान विभाग ने जीएसटी से 646.45 करोड़ का राजस्व जुटाया है। गत साल यह आंकड़ा 593.22 करोड़ रुपए था। इन आंकड़ों में 53 करोड़ 23 लाख रुपए का मुनाफा नजर आ रहा है। यह मुनाफा एसजीएसटी और आईजीएसटी दोनों में ही हुआ है।
एसजीएसटी में 302.64 करोड़ की उगाही की गई है। गत साल अप्रैल माह में यह उगाही 302.64 करोड़ रुपए थी। दोनों में एक करोड़ 58 लाख का अंतर सामने आया है, जो पिछले साल के मुकाबले एक फीसदी ज्यादा है। आईजीएसटी में 363.37 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं।
गत साल अप्रैल माह में 320.52 करोड़ का ही राजस्व विभाग जुटा पाया था। आईजीएसटी में 42.85 करोड़ का उछाल देखने को मिला है, जो पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी है। हालांकि रिकवरी में जरूर विभाग को हल्का नुकसान यहां हुआ है। अप्रैल, 2023 की रिकवरी में 28.36 करोड़ की कटौती हुई थी, जबकि इस बार यह राशि 19.56 करोड़ रुपए पर फंस गई है। दोनों के बीच का अंतर 8.80 करोड़ रुपए का है। फिलहाल, इस तमाम उतार-चढ़ाव के बीच आबकारी विभाग के लिए साल का पहला महीना राहत भरा रहा है।
जागरूकता-स्टाफ को प्रशिक्षण बना सफलता का कारण
53.23 करोड़ के अंतर के साथ विभाग का प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले बेहतर हुआ है। आबकारी विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि टैक्स अदायगी के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्टाफ को लगातार प्रशिक्षण मुहैया करवाने की वजह से जीएसटी जुटाने में फायदा देखने को मिल रहा है। आगामी महीनों में भी प्रशिक्षित टीम के साथ आबकारी विभाग जीएसट की उगाही में पूरी ताकत झोंक देगा। पिछले साल में जुटाई गई जीएसटी के मुकाबले बड़ा फायदा देखने को मिलेगा।
