हिमाचल के दो ड्रोन पायलटों ने रचा इतिहास, आपदाग्रस्त थुनाग में लोगों को पहुंचाईं मेडिसन

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: थुनाग में एसडीआरएफ ने नया कारनामा कर दिखाया है। एसडीआरएफ के जिस सर्विलांस ड्रोन का इस्तेमाल संवेदनशील मामलों में नजर रखने के लिए किया जाता था, आज उसी ड्रोन से थुनाग में दवाइयां बांट रहा है। मंडी में जब आपदा आई, तो राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें सराज पहुंची। टीमों के लिए सबसे चुनौतीपुर्ण कार्य प्रभावितों के लिए राशन और दवाइयां पहुंचाना था।इस चुनौती का सामना करते हुए एसडीआरएफ ने सर्विलांस ड्रोन में ही एक्सपेरिमेंट कर डाला। एसडीआरएफ के दो ड्रोन पायलट ने ऐसा कारनामा किया है, जिसकी कल्पना एसडीआरएफ के आला अधिकारियों ने भी नहीं की थी।

ड्रोन से निगरानी रखने में मास्टर नवीन और राजेश ने संर्विलांस ड्रोन में कुछ ऐसे बदलाव किए कि हिमाचल में इतिहास ही रच दिया गया। एसडीआरएफ ने सर्विलांस ड्रोन के माध्यम से सर्विलांस के साथ-साथ लगभग 750 ग्राम तक के वजन की दवाइयां एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाई जाने लगी। थुनाग के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इसी ड्रोन के सहारे से दवाइयां प्रभावितों तक पंहुचाई गई। इस अभियान में एसडीआरएफ के आला अधिकारी एसपी एसडीआरएफ अर्जित सेन और डीएसपी चमन के निर्देशों पर कार्य किया गया।11 एसडीआरएफ जवान मोर्चे परथुनाग में वर्तमान समय में 11 सदस्यों की टीम मोर्चा संभाले हुए है।

एसडीआरएफ थुनाग और आसपास के इलाकों में राशन व दवाइयों इत्याादि आवश्यक सामान पहुंचाने में मददगार साबित हो रहा है। टीम पहली जुलाई से लेकर अब तक थुनाग में ही राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है।जवानों की मेहनत रंग लाईएसडीआरएफ मंडी के डीएसपी चमन ने बताया कि हिमाचल में यह पहला एक्सपेरिमेंट है, जो आपदा के दौरान किया गया और सफल भी हुआ। ड्रोन पायलेट नवीन और राजेश के माध्यम से ड्रोन में कुछ बदलाव किए गए। जिस कारण अब सर्विलांस ड्रोन में 750 ग्राम तक के वजन का सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।

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