वेव स्टेट मोहाली के निवासी क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और फंड के हिसाब की मांग करते हुए।

“पूछते हैं वेव स्टेट के 1500 से अधिक परिवार!” – कम्युनिटी सेंटर नहीं, हमें हमारा ‘क्लब हाउस’ चाहिए: वेव स्टेट मैनेजमेंट व दिलवर विभाग से सीधे सवाल!

Spread the love

​सुरेंद्र राणा एवं पंजाब दस्तक टीम


मोहाली:सेक्टर 85 और 99 स्थित वेव स्टेट (Wave Estate) के 1500 से अधिक परिवारों ने एकजुट होकर वेव स्टेट प्रबंधन और मेंटेनेंस का जिम्मा संभाल रहे ‘दिलवर’ (Dilbird) विभाग के खिलाफ सीधा और कड़ा रुख अपना लिया है।
​परिसर में रहने वाले सभी सम्मानित व प्रबुद्ध नागरिक—चाहे वे स्वतंत्र कोठियों के स्वामी हों या विभिन्न अपार्टमेंट्स (जैसे जॉय होम, न्यू जॉय होम, स्मार्ट जॉय होम, कैनवस-1, कैनवस-2, सवानता, इंटेलेक्टिक्स, टी-टावर आदि) तथा वेव स्टेट के अंतर्गत आने वाले अन्य सभी ब्लॉक्स, टावर्स और फ्लैट्स के निवासी (चाहे किसी का नाम विशेष रूप से लिया गया हो या न लिया गया हो)—सब एक सुर में अपने अधिकारों का हिसाब मांग रहे हैं।


​निवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रबंधन और दिलवर विभाग के कान पर जूं नहीं रेंगती, तो वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। निवासियों को इन सभी ठोस सवालों के 1 महीने के भीतर तुरंत जवाब चाहिए!


​”वेव स्टेट का भाईचारा एक है: बांटने की राजनीति बंद करे प्रबंधन”
​वेव स्टेट के प्रबुद्ध निवासियों ने प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया है कि पूरा वेव स्टेट एक परिवार है, हमारा रहन-सहन और भाईचारा एक है। चाहे रामनवमी हो, बैसाखी हो या प्रकाश पर्व (गुरुपर्व)—वेव स्टेट के सभी भाई और प्रिय पड़ोसी मिलकर हर त्यौहार एक साथ मनाते हैं।
​निवासियों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “एक पड़ोसी को क्लब हाउस और दूसरे पड़ोसी को कम्युनिटी सेंटर देकर बांटने की राजनीति अब नहीं चलेगी!” प्रबंधन और दिलवर विभाग जानबूझकर रोज कोई न कोई नया विवाद पैदा करके निवासियों को भटकाने की कोशिश करते हैं, लेकिन निवासी अपने मुख्य और बुनियादी मुद्दों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।


​”पूछते हैं वेव स्टेट के सभी निवासी: सीधे और ठोस सवाल”
​1. कम्युनिटी सेंटर नाम मंजूर नहीं, हमें हमारा ‘क्लब हाउस’ ही चाहिए!
​निवासियों का सीधा सवाल है कि प्रबंधन ने जिस जगह का नाम ‘कम्युनिटी सेंटर’ रखा है, वह हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। कम्युनिटी सेंटर एक संस्था की तरह होता है जहाँ बाहरी या सार्वजनिक गतिविधियाँ होती हैं, जबकि यह परिसर निवासियों का अपना है और उनके खून-पसीने के पैसों से बना है! जब पैसे ‘क्लब हाउस’ के नाम पर लिए गए थे, तो इस परिसर का नाम तुरंत बदलकर ‘क्लब हाउस’ ही किया जाए।


​2. वसूले गए करोड़ों रुपयों का ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) जारी करे प्रबंधन!
​फ्लैट्स, कोठियों और प्लॉट्स की खरीदारी व रजिस्ट्री के वक्त से लेकर आज तक 1500 से अधिक परिवारों से जो 75,000 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक ‘क्लब हाउस’ के नाम पर एकत्रित किए गए थे, उसका पूरा हिसाब ब्याज सहित सार्वजनिक किया जाए। प्रबंधन तुरंत ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) जारी कर बताए कि आज तक क्लब हाउस के नाम पर कुल कितना पैसा इकट्ठा हुआ है और उसका कितना ब्याज बना है। यह निवासियों की गाढ़ी कमाई का पैसा है और इसका पूरा हिसाब पाना उनका कानूनी अधिकार है।


​3. हमारे ही पैसों से बना ढांचा, तो रेस्टोरेंट के रेट मनमाने क्यों?
​जब यह पूरा निर्माण निवासियों के पैसों से हुआ है और वे ही इसके असली मेंबर हैं, तो इसके अंदर खोले गए रेस्टोरेंट के रेट निवासियों के अनुकूल और आपसी सहमति से तय होने चाहिए। निवासियों से वसूले गए करोड़ों रुपयों के बाद भी मनमाने रेट वसूलना कतई बर्दाश्त नहीं होगा!


​4. सबसे बड़ा और प्राथमिक मुद्दा: वादे के मुताबिक ‘स्विमिंग पूल’ कब बनेगा?
​वेव स्टेट के निवासियों का सबसे प्रमुख और ठोस सवाल ‘स्विमिंग पूल’ को लेकर है। खरीदारी के वक्त जो वादा किया गया था, उसके अनुसार स्विमिंग पूल कब तक बनकर तैयार होगा? प्रबंधन बहानेबाज़ी छोड़कर इसकी पक्की समय-सीमा (Timeline) घोषित करे।


​5. पार्क नंबर 12 का ‘ओपन जिम’ क्यों हटाया? ‘हार्मनी पार्क’ जैसी सुविधाएं हर पार्क में हों
​निवासियों ने तीखा सवाल पूछा है कि पार्क नंबर 12 में जो ओपन जिम था, उसे वहाँ से क्यों हटाया गया? बरसात का मौसम हो या दूरी के कारण, बुजुर्ग और बच्चे दूर स्थित हार्मनी पार्क नहीं जा सकते।
​पार्क नंबर 12 सहित सभी पार्कों में ओपन जिम (Open Gym) तुरंत बहाल किया जाए।
​सभी पार्कों का रखरखाव ‘हार्मनी पार्क’ की तर्ज पर सुसज्जित और सर्वसुविधाजनक बनाया जाए।
​जिम में नाममात्र की 4-5 मशीनें लगाने के बजाय दोनों मंजिलों पर 20-25 आधुनिक मशीनों का विशाल जिम स्थापित हो।


​6. आवारा कुत्तों से मुक्ति और पुख्ता सुरक्षा
​परिसर के भीतर आवारा कुत्तों के आतंक से बुजुर्गों और बच्चों को तुरंत मुक्ति दिलाई जाए और पूरे वेव स्टेट में 24 घंटे पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था (Full Security) सुनिश्चित की जाए।


​मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) से सीधे हस्तक्षेप की आत्मीय अपील
​वेव स्टेट के निवासियों का मानना है कि वेव स्टेट के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) बहुत ही सुलझे हुए, प्रबुद्ध और जन-हितैषी व्यक्ति हैं। निवासियों को अंदेशा है कि स्थानीय प्रबंधन और दिलवर विभाग के अधिकारी ग्राउंड रियलिटी और निवासियों की वास्तविक समस्याओं को MD साहब तक पहुँचने ही नहीं दे रहे हैं।


​इसलिए वेव स्टेट के सभी 1500 से अधिक परिवारों (समस्त फ्लैट्स, ब्लॉक्स व कोठियों) ने मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) से सीधे और विनम्र भाव से अपील की है कि वे इस पूरे मामले में स्वयं हस्तक्षेप करें, निवासियों के जायज मुद्दों को सुनें, कुल फंड्स का ‘श्वेत पत्र’ जारी करवाएं और ‘कम्युनिटी सेंटर’ का नाम बदलकर ‘क्लब हाउस’ करने व ‘स्विमिंग पूल’ का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश जारी करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *