सुरेंद्र राणा
विमल नेगी प्रकरण में सीबीआई द्वारा दायर की गई चार्जशीट ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की कलई खोलकर रख दी है। इस मामले में अब भाजपा के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता हर्ष महाजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

चार्जशीट के तथ्य अत्यंत विस्फोटक और चौंकाने वाले
हर्ष महाजन ने कहा कि चार्जशीट में सामने आए तथ्य बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने, आधिकारिक दस्तावेजों में हेर-फेर करने, नियमों को ताक पर रखने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप महज प्रशासनिक गलतियां नहीं हैं। ये सीधे तौर पर सत्ता के संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार और एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
सरकार दे जवाब: किसके संरक्षण में हुआ भ्रष्टाचार?
सांसद ने प्रदेश सरकार से तीखे सवाल करते हुए पूछा है कि आखिर किसके इशारे पर नियमों को दरकिनार किया गया और अधिकारियों को गलत काम करने के लिए मजबूर किया गया? उन्होंने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि इस पूरे मामले में सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास कौन कर रहा था। महाजन ने स्पष्ट किया कि किन लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था को दांव पर लगाया गया, इसका सच प्रदेश की जनता के सामने आना चाहिए।
हाई लेवल जांच की मांग
हर्ष महाजन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कहा कि अब केवल एक हाई लेवल जांच के जरिए ही सच्चाई सामने आ पाएगी। उन्होंने मांग की है कि न केवल दोषियों पर, बल्कि उन्हें बचाने वाले प्रभावशाली लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक चूक का नहीं, बल्कि कानून और संविधान के साथ खिलवाड़ करने का है।
अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं।
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