पंजाब दस्तक
सुरेंद्र राणा, पंजाब दस्तक
पूर्व उद्योग मंत्री का तीखा हमला: 2027 में जनता देगी इस जन-विरोधी नीतियों का करारा जवाब
नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क में केंद्र के 100 करोड़ लौटाए, 20 हजार करोड़ के टर्नओवर का दावा खोखला
अवैध खनन, लचर कानून व्यवस्था, पेपर लीक और नशे के बढ़ते कारोबार पर सरकार को घेरा
शिमला:प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि यह सरकार साढ़े तीन से चार साल के कार्यकाल में वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, कुशासन और प्रशासनिक विफलताओं का नया रिकॉर्ड बनाकर इतिहास में दर्ज होगी। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आज तक यह तय नहीं कर पाई है कि उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं? जनता के हितों की बजाय सत्ता बचाने, राजनीतिक समीकरण साधने और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं में सरकार का अधिकांश समय बीत गया, जबकि प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई, ठप पड़े विकास कार्यों और बिगड़ती कानून व्यवस्था की मार झेल रहा है।
जमीनी सच्चाई दावों के विपरीत, युवा परेशान
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार बेहतर शासन के दावे करते हैं लेकिन जमीनी सच्चाई बिल्कुल विपरीत है। प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, औद्योगिक निवेश ठप पड़ा है, विकास परियोजनाएं धीमी पड़ चुकी हैं और सरकार केवल घोषणाओं तथा प्रचार तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में कांग्रेस सरकार ने जनता की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया है। 2027 में प्रदेश की जनता इस जन-विरोधी नीतियों का करारा जवाब देगी।
नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का मुद्दा: युवाओं से छीना रोजगार
नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय स्वीकृत यह परियोजना हिमाचल की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती थी। केंद्र सरकार ने कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह राशि वापस कर प्रदेश के हजारों युवाओं से रोजगार के अवसर छीन लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना स्थल पर केवल औपचारिक गतिविधियां होती रहीं और अब सरकार 20 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर जैसे खोखले दावे कर रही है।
उद्योग मंत्री के वायरल बयान पर खड़े किए सवाल
इसी बीच कैबिनेट उद्योग मंत्री के एक हालिया वायरल बयान को लेकर भी विक्रम ठाकुर ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बयान में मंत्री खुद अपनी सिफारिश पर आउटसोर्स के माध्यम से 600 से 700 लोगों को रोजगार दिलाने की बात कह रहे हैं। यदि यह बयान सही है, तो यह बैक डोर भर्ती का सबसे बड़ा प्रमाण है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि बयान गलत है, तो मंत्री को सार्वजनिक रूप से प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पारदर्शिता का ढोल पीटती है जबकि उसके अपने मंत्री बैक डोर भर्ती की स्वीकृति कर रहे हैं।
अवैध खनन को सत्ता का संरक्षण
अवैध खनन के मुद्दे पर विक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खनन माफिया इसलिए बेखौफ है क्योंकि उसे सत्ता से जुड़े लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रभावशाली नेता और सरकार से जुड़े लोग अवैध खनन से लाभ उठा रहे हैं, इसलिए कोई कार्यवाही नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एक कैबिनेट मंत्री से जुड़े तथ्य भी सामने आएंगे और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
अपराधियों में कानून का भय खत्म, कुल्लू में ड्रग पार्टियां
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसा शांत प्रदेश अब फिरौती, संगठित अपराध और सरेआम हमलों जैसी घटनाओं का गवाह बन रहा है। बिलासपुर की हालिया घटना इसका ताजा उदाहरण है। अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है और सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। नशे के बढ़ते कारोबार पर सरकार को घेरते हुए विक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार करोड़ों रुपए नशा विरोधी अभियानों पर खर्च करने का दावा करती है, लेकिन कुल्लू में खुलेआम ड्रग पार्टियां आयोजित हो रही हैं, जहाँ न्यायालय द्वारा भी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
Paper Leak मामले में सीबीआई की सिफारिशों पर चुप्पी
पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की, लेकिन सरकार ने आज तक उन सिफारिशों को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ वास्तव में गंभीर है, तो सीबीआई की रिपोर्ट पर तत्काल कार्यवाही करे अन्यथा उनके भ्रष्टाचार विरोधी दावे केवल दिखावे हैं।
राम मंदिर मामले पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र
राम मंदिर चढ़ावे के प्रकरण पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए विक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र किसी से छुपा नहीं है। जिसने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, भगवान श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और प्राण प्रतिष्ठा से दूरी बनाई, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में एसआईटी गठित हो चुकी है, आरोपियों की गिरफ्तारियां भी हो रही हैं और कानून अपना काम कर रहा है।
2027 में जनता देगी करारा जवाब
मुख्यमंत्री के ‘मिशन रिपीट’ के दावों पर पलटवार करते हुए विक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कार्यकाल जनता के विश्वास को तोड़ने, विकास को रोकने और प्रदेश को हर क्षेत्र में पीछे धकेलने का कार्यकाल रहा है। अब हिमाचल की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सरकार को उसकी जन-विरोधी नीतियों, कुशासन और वादाखिलाफी का लोकतांत्रिक एवं करारा जवाब देगी।
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