पालमपुर (कांगड़ा), हिमाचल प्रदेश
विशेष रिपोर्ट: उमांश, वरिष्ठ पत्रकार (पंजाब दस्तक)
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाए जाने के मामले पर प्रदेश सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने संकेत दिए हैं कि सरकार इस विषय को बेहद गंभीरता से ले रही है और आगामी विधानसभा सत्र में एक ऐसा प्रभावी कानून लाने की तैयारी है, जिससे निजी स्कूलों की इस मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
यह महत्वपूर्ण घोषणा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के डाड में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान पंजाब दस्तक से विशेष बातचीत में की।
ढाई करोड़ की लागत से बने तीन मंजिला स्कूल भवन का लोकार्पण
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बुधवार को बतौर मुख्य अतिथि मेजर सोमनाथ शर्मा गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डाड पहुंचे। यहाँ उन्होंने लगभग ₹2.5 करोड़ की लागत से नवनिर्मित तीन मंजिला आधुनिक स्कूल भवन का लोकार्पण किया और शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
क्यों किया गया स्कूलों का विलय? शिक्षा मंत्री ने दी पूरी जानकारी
पंजाब दस्तक के एक सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने स्कूलों के मर्जर (विलय) की नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया:
प्रदेश में जिन लगभग 1400 स्कूलों को डी-नोटिफाई या मर्ज किया गया है, उनमें से करीब 700 स्कूल ऐसे थे जहाँ एक भी छात्र पंजीकृत नहीं था।
तय मानकों के तहत ही इन स्कूलों का विलय किया गया है, जिससे लगभग 2500 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं का अन्य स्कूलों में बेहतर और सही उपयोग किया जा सका।
सरकार की प्राथमिकता हर हाल में गुणात्मक शिक्षा (Quality Education) उपलब्ध कराना है।
सरकारी स्कूलों में सीबीएसई (CBSE) विकल्प और प्रिंसिपलों की नियुक्ति
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को एक अतिरिक्त और बेहतर विकल्प देने के उद्देश्य से प्रदेश के करीब 150 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध (Affiliate) किया गया है। इसके लिए एक विशेष नीति तैयार की गई है और हाल ही में 62 प्रिंसिपलों की नियुक्ति भी की जा चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अन्य रिक्त पदों को भी चरणबद्ध तरीके से जल्द ही भरा जाएगा।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्कूलों में होगी काउंसलर की नियुक्ति: क्या है ‘पीएम श्री’ योजना?
बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और छात्र-छात्राओं में आ रही आत्महत्या की प्रवृत्तियों जैसे संवेदनशील मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पंजाब दस्तक को एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को मानसिक संबल और सही मार्गदर्शन देने के लिए स्कूलों में पेशेवर काउंसलर नियुक्त करने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। यह कदम छात्रों के उज्ज्वल और तनावमुक्त भविष्य के लिए बेहद कारगर साबित होगा।
पहले चरण में ‘पीएम श्री’ स्कूलों में लागू होगी व्यवस्था:
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में पीएम श्री (PM SHRI – PM Schools for Rising India यानी ‘उदीयमान भारत के लिए प्रधानमंत्री स्कूल’) स्कूलों को चुना गया है।
क्या है पीएम श्री स्कूल?
यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित एक विशेष योजना है, जिसके तहत देश और प्रदेश के चुनिंदा सरकारी स्कूलों को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। इन स्कूलों में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट क्लासरूम, खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत उच्च स्तरीय शिक्षण माहौल प्रदान किया जाता है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पहले चरण में इन उन्नत पीएम श्री स्कूलों में काउंसलर की तैनाती कर व्यवस्था को परखा जाएगा और इसके सफल संचालन के बाद, भविष्य में प्रदेश के उन सभी अन्य सरकारी स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा जहाँ छात्रों की संख्या अधिक है।
धार्मिक स्थलों में अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इसके अलावा, एक अन्य संदर्भ में बात करते हुए रोहित ठाकुर ने मंदिर परिसरों में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
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