ऊना में PWD के जूनियर इंजीनियर को ₹8,000 रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने गिरफ्तार किया।

₹8,000 के लिए बिक गया PWD का JE: बिल पास करने के नाम पर मांगी रिश्वत, विजिलेंस ने रंगे हाथों दबोचा

Spread the love

​रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार काजल (ऊना)
पंजाब दस्तक
​ऊना (हिमाचल प्रदेश):


हिमाचल प्रदेश सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करती हो, लेकिन सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक बड़ा मामला ऊना जिले में सामने आया, जहां लोक निर्माण विभाग (PWD) के इलेक्ट्रिकल विंग में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) प्रवेश कुमार को ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
​यह घटना उन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो अच्छी-खासी सरकारी तनख्वाह पाने के बावजूद चंद हजार रुपयों के लिए अपना ईमान बेचने से नहीं हिचकिचाते।


​बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
​मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी जूनियर इंजीनियर प्रवेश कुमार ने एक ठेकेदार से उसके द्वारा किए गए कार्य का बिल पास कराने की एवज में ₹8,000 रिश्वत की मांग की थी।
​ठेकेदार की समझदारी: ठेकेदार ने रिश्वत देने के बजाय तुरंत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) में इसकी शिकायत दर्ज करा दी।


​विजिलेंस की त्वरित कार्रवाई: शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले का गुप्त सत्यापन (Verification) किया। आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया।
​रंगे हाथों गिरफ्तारी: तय योजना के मुताबिक, जैसे ही ठेकेदार ने जेई प्रवेश कुमार को ₹8,000 की रिश्वत दी, मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।


​भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
​गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी जूनियर इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।


​गहन जांच जारी: विजिलेंस ब्यूरो आरोपी जेई से लगातार पूछताछ कर रहा है। इसके साथ ही आरोपी का पिछला रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है कि क्या वह पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी में शामिल रहा है। विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


​सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
​ऊना में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि लाखों-हजारों की तनख्वाह पाने के बावजूद इन कर्मचारियों और अधिकारियों में रिश्वतखोरी की भूख क्यों खत्म नहीं हो रही है?


​पंजाब दस्तक की विशेष अपील
​ऐसी ही तेज, सटीक और जमीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए हमारे चैनल पंजाब दस्तक को लाइक, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें, ताकि आपकी हर खबर सरकार और जिला प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाई जा सके।


​यदि आपके पास भी प्रशासन, भ्रष्टाचार या जनसमस्याओं से जुड़ी कोई खबर या शिकायत है, तो आप हमें 94180-55488 पर भेज सकते हैं। आपकी खबर को प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
​देखते रहें — पंजाब दस्तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *