राजेंद्र नेगी, वरिष्ठ पत्रकार, पंजाब दस्तक, किन्नौर
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपनी ही पार्टी के संगठन ढांचे के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। किन्नौर जिला और तीन ब्लॉकों की कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद से भड़के बागवानी एवं राजस्व मंत्री ने संगठन नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक तीर चलाए हैं। नेगी ने दो-टूक कहा कि पार्टी के अंदर अब लोकतंत्र खत्म हो चुका है और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ‘छतरीधारी’, ‘पैराशूटी’ और ‘स्लीपर सेल’ के लोगों को थोपा जा रहा है। उनके इस तल्ख तेवर से प्रदेश कांग्रेस में मची रार खुलकर सतह पर आ गई है।
’जब कोई नामलेवा नहीं था, तब उठाया था पार्टी का झंडा’
जगत सिंह नेगी ने अपने चार दशक के सियासी सफर का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें किन्नौर में कांग्रेस का झंडा उठाए 40 साल हो चुके हैं। उन्होंने उस दौर में पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, जब दुर्गम जनजातीय क्षेत्र में कांग्रेस को कोई जानता तक नहीं था। आज जब पार्टी एक मजबूत वटवृक्ष बन चुकी है, तो कुछ नए नवेले “छतरीधारी” नेता मलाई काटने आ धमके हैं। नेगी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “देखते हैं ये छतरी और पैराशूट वाले किन्नौर में पार्टी के लिए कितना और क्या कर पाते हैं।”
’पार्टी में घुसे जयचंद और स्लीपर सेल, 56 में से कितनों के पास सदस्यता?’
किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) की हालिया 56 सदस्यीय कार्यकारिणी पर सीधा हमला बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि इसमें असली और निष्ठावान किन्नौरी कांग्रेसी गायब थे। नेगी ने दावा किया:
कार्यकारिणी में शामिल 56 लोगों में से ज्यादातर पार्टी के प्राथमिक सदस्य तक नहीं थे।
यहां तक कि थोपे गए अध्यक्ष के पास भी पार्टी की नियमित सदस्यता नहीं थी, वे केवल यूथ कांग्रेस से थे और मुख्य संगठन की प्रक्रिया में दावेदार ही नहीं थे।
कार्यकारिणी में निष्ठावानों की जगह केवल ‘जयचंद’ और विरोधी ताकतों के ‘स्लीपर सेल’ को जगह दी गई।
’अगर संगठन में ही लोकतंत्र नहीं, तो देश में क्या बचाएंगे?’
नेगी ने संगठन की कार्यप्रणाली को पूरी तरह एकतरफा करार देते हुए कहा कि जो लोग संगठन सृजन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाकायदा दावेदार थे, उन्हें दरकिनार कर बाहरियों को ऊपर से थोप दिया गया। उन्होंने कहा कि किन्नौर में 3000 से ज्यादा सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सदस्यता ले रखी है, लेकिन उनकी अनदेखी कर मनमानी सूची जारी की गई। कैबिनेट मंत्री ने दो टूक कहा कि जब खुद पार्टी संगठन के भीतर आंतरिक लोकतंत्र नहीं बचेगा, तो लोकतंत्र बचाने की बातें सिर्फ खोखला दावा साबित होंगी।
नेगी के इस तीखे बयान के बाद सुक्खू सरकार और प्रदेश कांग्रेस संगठन के बीच तालमेल को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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