पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, पुतला फूंका और बोर्ड पर कालिख पोत दर्ज कराया तीखा विरोध
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का केंद्र पर करारा प्रहार—‘जनादेश लूटने वालों पर दर्ज हो देशद्रोह का मुकदमा’
शिमला (वरिष्ठ पत्रकार काजल, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक):
चुनावी निष्पक्षता और कथित वोट चोरी के गंभीर विवादों के बीच शुक्रवार को राजधानी शिमला में सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गईं। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोलते हुए शिमला स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए उन्हें अविलंब पदमुक्त करने और कानूनी कार्रवाई के तहत गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका तथा आयोग के नेमबोर्ड पर कालिख पोतकर अपने तीखे तेवर जाहिर किए।
प्रदर्शन उस वक्त और गर्मा गया जब पुतला जलाने से रोकने पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान शुरू हो गई। बैरिकेडिंग पर जुटे कार्यकर्ताओं ने आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) को लेकर जमकर नारेबाजी की और इसे लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे पर हमला करार दिया।
‘संस्थाओं की मिलीभगत से जनादेश की चोरी’ : मुकेश अग्निहोत्री
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि चुनावी प्रक्रिया की साख पर जो सवाल खड़े हुए हैं, वे अब केवल आशंकाएं नहीं बल्कि ठोस तथ्य बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनादेश जीतकर नहीं, बल्कि सांठगांठ और वोटिंग अधिकारों में कटौती के जरिए सत्ता में आ रही है। अग्निहोत्री ने कहा कि करोड़ों मतदाताओं के अधिकार छीने जाने के सीधे दोषी निर्वाचन तंत्र के शीर्ष संचालक हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी काफी समय से यह अंदेशा जता रहे थे कि चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध होती जा रही है। हाल ही में आयोग के भीतर से ही निर्णयों को लेकर असहमति की जो बातें छनकर बाहर आई हैं, उसने पूरी प्रक्रिया की पोल खोल दी है। उन्होंने इसे सीधे राष्ट्रद्रोह के समतुल्य बताते हुए मांग की कि ज्ञानेश कुमार पर फौरन एफआईआर दर्ज हो।
भाजपा प्रवक्ताओं द्वारा आयोग के बचाव में उतरने पर कटाक्ष करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि कटघरे में संवैधानिक संस्था है, लेकिन पैरवी सत्ताधारी पार्टी कर रही है—यह साफ दिखाता है कि दाल में कुछ काला है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेताया कि यदि विवादित अधिकारी को फौरन बर्खास्त नहीं किया गया, तो कांग्रेस देशभर में बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करेगी।
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