पंजाब दस्तक | शिमला
विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। शिमला में चिट्टे की तस्करी के एक ऐसे संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। तस्कर यहाँ नशे की खेप को ‘कुरकुरे’ के पैकेट में छिपाकर सप्लाई करते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले एक साल में करीब 50 बार शिमला आकर नशे का यह काला कारोबार अंजाम दे चुका है।

भुगतान के बाद साझा होती थी लोकेशन
जांच में खुलासा हुआ है कि तस्कर बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। खरीदार से भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही उसे नशे की डिलीवरी के लिए गुप्त लोकेशन भेजी जाती थी। इस तरह का ‘डिजिटल लेन-देन’ पुलिस के लिए शुरुआती दौर में बड़ी चुनौती बना हुआ था।
ऐसे खुला राज, 1.25 करोड़ का मिला हिसाब
इस पूरे मामले की कड़ी 24 अप्रैल 2026 को जुड़ी, जब पुलिस ने 7 ग्राम चिट्ठे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उससे हुई पूछताछ के आधार पर बिहार के दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी हुई और कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुँच गई है। पुलिस की गहन जांच में पिछले तीन महीनों के भीतर लगभग 1.25 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।
डिजिटल सबूतों से बढ़ी मुश्किलें
पुलिस को आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य और वीडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जो इस गिरोह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क को बेनकाब करने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
- रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
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