सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ
शिमला/चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में अपनी विशिष्ट कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता को एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग (PSERC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रशासनिक जगत में उनके अनुभव और कार्यकुशलता की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
बिजली बोर्ड में दिखाया था सुधार का ‘मैजिक’
संजय गुप्ता का ऊर्जा क्षेत्र से पुराना और सफल नाता रहा है। इससे पहले जब वे हिमाचल प्रदेश में बिजली बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने अपनी दूरदर्शिता और सख्त प्रशासनिक निर्णयों से बोर्ड की कायापलट कर दी थी। उस समय बोर्ड जिस आर्थिक घाटे से जूझ रहा था, उसे न केवल उन्होंने नियंत्रित किया, बल्कि अपने कुशल प्रबंधन से घाटे में चल रहे बोर्ड को लाभ की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। बिजली बोर्ड में रहते हुए उनके द्वारा किए गए सुधार आज भी एक मिसाल माने जाते हैं।
प्रशासनिक अनुभव और सेवा का लंबा सफर
1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे संजय गुप्ता ने अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्हें यह जिम्मेदारी मिलना उनकी प्रशासनिक पकड़ को दर्शाता है। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने नीति निर्धारण, संस्थागत समन्वय और जटिल प्रशासनिक मामलों को सुलझाने में अपनी अलग छाप छोड़ी है। वे एक ‘टफ प्रोफाइल’ वाले अधिकारी माने जाते हैं, जो अनुशासन और स्पष्टता के साथ काम करने में विश्वास रखते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में नई चुनौती
पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग (PSERC) का अध्यक्ष पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह आयोग पंजाब की बिजली नीति, टैरिफ निर्धारण और विद्युत वितरण से संबंधित निर्णायक फैसले लेता है। संजय गुप्ता का लंबा प्रशासनिक अनुभव और विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़, पंजाब की बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने में बेहद सहायक सिद्ध होगी। हिमाचल में उन्होंने जो प्रशासनिक दक्षता दिखाई, अब पंजाब की जनता को भी उसी स्तर का सुशासन मिलने की उम्मीद है।
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