मंडी में स्क्रब टाइफस के 4 मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

मंडी में फैला स्क्रब टाइफस का खौफ: 4 मरीज मिलने से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, एडवाइजरी जारी!

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​घास कटाई और सेब तुड़ान के सीजन में मंडराया जानलेवा बीमारी का खतरा; बुखार आते ही तुरंत टेस्ट और दवा के सख्त निर्देश!


​पंजाब दस्तक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
उमांश | मंडी

​हिमाचल प्रदेश में सेब तुड़ान और घास कटाई के सीजन के बीच जानलेवा ‘स्क्रब टाइफस’ ने एक बार फिर अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मंडी जिले के जोनल अस्पताल में स्क्रब टाइफस के 4 नए मामले सामने आते ही पूरे जिला स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है और पूरे जिले में हाई अलर्ट के साथ विस्तृत एडवाइजरी जारी कर दी गई है।


​विभाग ने जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि बुखार से पीड़ित हर मरीज को तुरंत दवाई उपलब्ध कराई जाए और स्क्रब टाइफस के लक्षण दिखते ही बिना किसी देरी के आवश्यक टेस्ट सुनिश्चित किए जाएं।


​द्रंग और कबांद से सामने आए मामले, अलर्ट पर अस्पताल
​जोनल अस्पताल मंडी में पहुंचे स्क्रब टाइफस के यह 4 मरीज मुख्य रूप से द्रंग, मंडी शहर और कबांद क्षेत्रों के रहने वाले हैं। राहत की बात यह रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, जिससे मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ और इनमें से एक मरीज को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।


​हालांकि, पिछले कड़वे अनुभवों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष मंडी के करसोग क्षेत्र की दो मासूम लड़कियों की स्क्रब टाइफस की चपेट में आने से आईजीएमसी शिमला में दर्दनाक मौत हो गई थी। इसी त्रासदी से सबक लेते हुए इस बार प्रशासनिक अमला कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।


​मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी, डॉ. दिनेश ठाकुर का कड़ा संदेश:
“जोनल अस्पताल मंडी में स्क्रब टाइफस के 4 मामले रिपोर्ट हुए हैं, जिन्हें तत्काल आपातकालीन उपचार दिया गया। जिले के सभी छोटे-बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। लक्षण वाले मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”


​खेतों और झाड़ियों में छिपा ‘साइलेंट किलर’, यह रखें सावधानियां
​इन दिनों ग्रामीण इलाकों में सेब तुड़ान और पशुओं के लिए घास कटाई का काम जोरों पर है। झाड़ियों और नमी वाले स्थानों पर इस बीमारी को फैलाने वाला सूक्ष्म कीट (माइट) सक्रिय रहता है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं।


​स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मुख्य सावधानियां:
​फुल ड्रेस पहनकर ही निकलें: खेतों, जंगलों या घास काटने जाते समय शरीर को सिर से पांव तक पूरी तरह ढककर रखें ताकि कीट काटने का मौका न मिले।
​काम के बाद तुरंत स्नान: घास कटाई या खेत के काम से घर लौटते ही तुरंत साबुन से अच्छी तरह स्नान करें और कपड़े बदलें।
​घरों में चूहों का खात्मा करें: स्क्रब टाइफस का यह खतरनाक कीट चूहों के जरिए तेजी से फैलता है, इसलिए घर और आसपास चूहों को न पनपने दें।


​लक्षण दिखते ही भागें अस्पताल: यदि अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द या शरीर पर काले चकत्ते (इशार) दिखाई दें, तो घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचें।
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