शिमला में मीडिया से बातचीत करते पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सुक्खू सरकार पर केंद्र के फंड के उपयोग को लेकर सवाल उठाते हुए

केंद्र के पैसे का न सदुपयोग कर रही, न श्रेय दे रही सुक्खू सरकार: पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दागे तीखे सवाल

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​पंजाब दस्तक के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की विशेष रिपोर्ट
शिमला।​हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। ‘पंजाब दस्तक’ से विशेष बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने आंकड़ों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि दिल्ली से हिमाचल के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए की सौगातें आ रही हैं, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार न तो उस पैसे का सही तरीके से सदुपयोग कर पा रही है और न ही केंद्र सरकार को इसका कोई श्रेय दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान विकास कार्यों को गति देने के बजाय सिर्फ और सिर्फ केंद्र को कोसने में लगा हुआ है।


​विकास की रफ्तार पर भारी पड़ रही सुक्खू सरकार की नाकामी: जयराम ठाकुर
​नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र के सहयोग का एक-एक कर प्रमाण देते हुए बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के भीतर ₹15,000 करोड़ से अधिक की बड़ी विकास परियोजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा:
​राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के कायाकल्प के लिए ₹40,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हैं।
​हिमाचल के इतिहास में ₹2,911 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट केंद्र ने दिया है।
​आईआईएम (IIM) सिरमौर, आईआईटी (IIT) ऊना और एम्स (AIIMS) बिलासपुर जैसी देश की सर्वोच्च संस्थाएं केंद्र की बदौलत ही आज हिमाचल की शान बनी हुई हैं।


​जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि इतनी भारी वित्तीय मदद के बावजूद सुक्खू सरकार दिन-रात केवल केंद्र पर अनदेखी का झूठा रोना रोती रहती है, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
​करोड़ों का केंद्रीय फंड पड़ा है बेकार, आधी राशि भी खर्च नहीं कर पाई सरकार
​जयराम ठाकुर ने सरकार की वित्तीय और प्रशासनिक लाचारी को उजागर करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आंकड़ों की झड़ी लगाते हुए कहा:
​स्वास्थ्य क्षेत्र में लापरवाही: 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ में से करीब आधी राशि वर्तमान सरकार खर्च तक नहीं कर पाई है।


​बल्क ड्रग पार्क में सुस्ती: इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की तरफ से ₹1,000 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से ₹225 करोड़ की राशि जारी भी हो चुकी है। लेकिन सुक्खू सरकार की सुस्ती का आलम यह है कि वे अभी तक केवल ₹102.13 करोड़ ही धरातल पर लगा पाए हैं।
​लौटानी पड़ी ₹30 करोड़ की किस्त: राज्य सरकार की सबसे बड़ी नाकामी यह रही कि उनके हाथ पीछे खींचने के कारण प्रदेश को मिलने वाले ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ से हाथ धोना पड़ा, जिसके चलते केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई ₹30 करोड़ की पहली किस्त भी वापस लौटानी पड़ी।


​”राजनीति छोड़िए, प्रदेश हित में काम कीजिए”
​जयराम ठाकुर ने ‘पंजाब दस्तक’ के माध्यम से मुख्यमंत्री सुक्खू को दोटूक नसीहत दी है कि वे राजनीतिक बयानबाजी और केंद्र को कोसने का यह खेल अब बंद करें। सरकार को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाना चाहिए और हिमाचल के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इन सभी महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं को धरातल पर तेजी से लागू करना चाहिए, ताकि विकास का सीधा लाभ हिमाचल की देवतुल्य जनता तक पहुंच सके।


​विशेष अपील:
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