हिमाचल पेंशनरों का सुक्खू सरकार के खिलाफ आंदोलन

पेंशनरों का सुक्खू सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम: मांगें न मानीं तो 12 नवंबर से जिला मुख्यालयों पर धरने, दिसंबर में धर्मशाला विंटर सेशन का होगा घेराव

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​बिलासपुर/घुमारवीं (ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा):
बिलासपुर में आज पेंशनर्ज संयुक्त एक्शन कमेटी की एक बेहद अहम और हंगामेदार राज्य स्तरीय कार्यकारिणी बैठक संपन्न हुई। बैठक में कमेटी के वरिष्ठ नेता सुरेश ठाकुर और भूपराम सहित पूरी प्रदेश कार्यकारिणी मौजूद रही। बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की गई, जिसके मुख्य अंश पंजाब दस्तक पर लाइव के माध्यम से साझा किए गए।


​बैठक में सुरेश ठाकुर के लाइव संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
​आंदोलन जारी रहेगा: सुरेश ठाकुर ने कहा कि गर्म माहौल को ठंडा नहीं होने दिया जाएगा। यदि अभी आंदोलन धीमा पड़ा, तो दोबारा गति पकड़ने में वक्त लगेगा। बुजुर्ग पेंशनरों के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखते हुए इस आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।
​सरकार को 15 दिन का नोटिस: सरकार को 15 दिन का विधिवत नोटिस दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि वे पेंशनरों के शिष्टमंडल को तुरंत वार्ता के लिए बुलाएं। यदि बातचीत नहीं होती, तो एक्शन प्लान लागू होगा।


​अक्टूबर में जन-जागरण अभियान: श्राद्ध, नवरात्र और दिवाली को देखते हुए अक्टूबर माह में सीधे उग्र प्रदर्शन नहीं किए जाएंगे। इस दौरान ब्लॉक, जिला और गांव स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। कांगड़ा के 22 ब्लॉकों सहित हमीरपुर, किन्नौर आदि सभी क्षेत्रों में घर-घर जाकर पेंशनरों को जोड़ा जाएगा और जनता में फैलाए जा रहे इस भ्रम को दूर किया जाएगा कि सरकार का 80 से 90 प्रतिशत बजट पेंशनर ले रहे हैं।


​12 नवंबर से जिला मुख्यालयों पर क्रमिक धरने: यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो दिवाली और भैयादूज के बाद 12 नवंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर धरने शुरू होंगे। प्रत्येक जिले में 9 से 11 सदस्यों की टीम अनिवार्य रहेगी और 15 से 20 पेंशनर रोजाना धरने में शामिल होकर समर्थन देंगे।
​दिसंबर में धर्मशाला विंटर सेशन का घेराव: जिला स्तर के धरनों के बाद दिसंबर में धर्मशाला में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) के दौरान पेंशनर विधानसभा का घेराव करेंगे।

इंदिरा स्टेडियम की अनुमति रद्द होने के बावजूद पहले भी पुलिस ग्राउंड में एकजुटता दिखाई गई थी और इस बार भी 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मी (जिनकी कम्यूटेशन प्रभावित हुई है) भारी संख्या में धर्मशाला कूच करेंगे।
​सीआईडी निगरानी पर बयान: सुरेश ठाकुर ने कहा कि सीआईडी और एजेंसियां 18 संगठनों, जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों की बैकग्राउंड व राजनीतिक झुकाव का डेटा जुटा रही हैं। राणा जी (जिला अध्यक्ष) के घर तक जाकर पड़ताल की गई है। इस निगरानी से साफ है कि आंदोलन का असर सीधे सरकार पर पड़ रहा है।


​अधिसूचना में विसंगतियां व अंडरटेकिंग की शर्त: पूर्व में 40% भुगतान की बात पर सहमति के बाद वित्त विभाग ने क्लास वन व टू को 15% और क्लास थ्री को 35% में बांटकर 40 हजार की बेसिक पेंशन पर कैपिंग लगा दी। भूपराम वर्मा और टीम ने वित्त सचिव से मिलकर इस गलती को ठीक कराया, लेकिन अब ट्रेजरी में अंडरटेकिंग देने की नई शर्त थोप दी गई है, जिसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
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