पंजाब दस्तक न्यूज़ रूम से काजल की रिपोर्ट
शिमला: हिमाचल प्रदेश सचिवालय में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ₹20 करोड़ की लागत से नवनिर्मित ‘एलर्जली भवन’ (चरण-2) का विधिवत उद्घाटन किया। 15 आधुनिक कक्षों वाले इस विंग को आगामी 50 वर्षों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी संस्थान किसी व्यक्ति विशेष से नहीं जुड़े होते, बल्कि दशकों तक जनसेवा का माध्यम बनते हैं। पुराने कार्यालय में जगह के अभाव के कारण दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों और ग्रामीणों को बैठने तक की समुचित जगह नहीं मिल पाती थी। नए परिसर में मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा प्रधान सचिव, अतिरिक्त निजी सचिव, विधायक कक्ष, आम जनता के लिए बैठक कक्ष, मुख्य सचिव और वित्त सचिव के कार्यालय एक ही छत के नीचे स्थापित किए गए हैं। साथ ही 40 वाहनों की इन-हाउस पार्किंग शुरू होने से छोटा शिमला और संजौली मार्ग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
पेंशनरों के लिए बड़ा फैसला: अक्टूबर में मिलेगा एरियर
पेंशनर जॉइंट फ्रंट के साथ आयोजित अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित में अहम घोषणा की। 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-3 पेंशनरों को उनके एरियर का 30 प्रतिशत तथा क्लास-1 और क्लास-2 के अधिकारियों को 15 प्रतिशत पेंशन एरियर का भुगतान इसी वर्ष अक्टूबर माह में कर दिया जाएगा।
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना और बाल कल्याण के अहम निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए:
इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना: वर्तमान में इस योजना से 21,212 लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है और चालू वित्त वर्ष के लिए ₹40 करोड़ 29 लाख का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत वर्तमान में विधवा एवं एकल महिलाओं के 18 वर्ष तक के बच्चों को ₹1,000 मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है, जिसे 27 वर्ष की आयु तक विस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार इन बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च स्वयं वहन कर रही है।
विदेश में एक्सपोजर विजिट: इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के 50 और ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के 50 मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव व ज्ञानवर्धन के लिए विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना: आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मेधावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ₹20 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य व आश्रय संस्थान: 11 ज़िलों में पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने वाली प्रस्तावित ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ की समीक्षा की गई। साथ ही प्रदेश में 9 बाल देखभाल संस्थानों के निर्माण के लिए पर्याप्त बजट का भरोसा दिया गया।
सुख आश्रय परिसर: कांगड़ा ज़िले के लुथान में निर्माणाधीन ‘मुख्यमंत्री सुख आश्रय ग्राम परिसर’ का निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा कर परियोजना को मई 2027 तक तैयार करने के निर्देश दिए गए।
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