विधानसभा से ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की ग्राउंड रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदन में आज प्रदेश सरकार ने ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और स्थानीय ठेकेदारों से जुड़े दो बेहद अहम मुद्दों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हजारों कांट्रैक्ट कैरिज वाहन ऑपरेटरों को बड़ी राहत देते हुए सदन में साफ किया कि 12 से 15 वर्ष पुराने वाहनों के चालान नहीं काटे जाएंगे। वहीं, पीडब्ल्यूडी के बड़े निर्माण कार्यों में इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों और हिमाचली कामगारों के हितों को सुरक्षित रखने को लेकर भी सरकार ने अपना रुख साफ किया।
कांट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु सीमा पर केंद्र को भेजा प्रस्ताव
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में वक्तव्य देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने स्तर पर केंद्रीय नियमों में संशोधन कर आयु सीमा को 12 से बढ़ाकर 15 वर्ष नहीं कर सकती।
केंद्रीय मंत्रालय को प्रस्ताव: कांट्रैक्ट कैरिज वाहनों की निर्धारित आयु सीमा को 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का विधिवत प्रस्ताव केंद्र सरकार (केंद्रीय मंत्रालय) को भेजा जा चुका है।
चालान न काटने के निर्देश: जब तक इस पर केंद्र से अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक ऑपरेटरों को राहत देते हुए 12 से 15 वर्ष पुराने वाहनों के चालान न काटने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी के संयुक्त टेंडरों से प्रभावित नहीं होंगे इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों के हित
विधानसभा में नियम 62 के तहत विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा उठाए गए मामले पर लोक निर्माण मंत्री की अनुपस्थिति में तकनीकी शिक्षा एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकार की ओर से जवाब दिया।
संयुक्त निविदा पर स्पष्टीकरण: पीडब्ल्यूडी के बड़े निर्माण कार्यों में सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की संयुक्त निविदा (Joint Tender) को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों और स्थानीय हिमाचली कामगारों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
स्थानीय रोजगार की सुरक्षा: सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बड़े प्रोजेक्ट्स में भी स्थानीय हिमाचली ठेकेदारों और श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
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