पंजाब दस्तक
विशेष रिपोर्ट | प्रियंका बासु (वरिष्ठ पत्रकार, दिल्ली ब्यूरो)
नई दिल्ली:
देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक विवाद और सड़कों पर उतरते छात्रों के तीखे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने नौकरशाही की शीर्ष परतों पर बड़ा प्रशासनिक सर्जिकल स्ट्राइक किया है। सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को कसने के मकसद से रातों-रात सचिव स्तर की 13 बड़ी नियुक्तियों और तबादलों पर अपनी मुहर लगा दी। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सबसे पहली गाज़ शिक्षा मंत्रालय पर गिरी है, जहाँ शीर्ष नेतृत्व को एक झटके में बदल दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर बड़ी सर्जरी
लंबे समय से शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रहे वरिष्ठ IAS अधिकारी बनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव के पद पर भेज दिया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव का कमान सौंपा गया है।
इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की कमान अब टी. के. अनिल कुमार संभालेंगे। यानी देश की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने वाले दोनों सबसे बड़े विभागों में शीर्ष स्तर पर नए चेहरे तैनात कर दिए गए हैं।
एक झटके में बदले 13 बड़े अफसर: जानिए किसे क्या मिली जिम्मेदारी
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक प्रमुख तबादलों और नई तैनातियों की सूची:
नरेश पाल गंगवार: सचिव, उच्च शिक्षा विभाग (शिक्षा मंत्रालय)
बनीत जोशी: सचिव, पंचायती राज मंत्रालय
टी. के. अनिल कुमार: सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
के. श्रीनिवास: सचिव, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER)
पीयूष गोयल: सचिव जनरल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
केशव चंद्र: सचिव, खनन मंत्रालय
चंद्रभूषण कुमार: सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
सत्येंद्र सिंह: सचिव (शहरी विकास), आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय
डी. थारा: सचिव (कैपिटल डेवलपमेंट), आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय
वीरेंद्र: निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA)
सुचिंद्र मिश्रा: सचिव, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग
सुशील कुमार लोहानी: सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग
अर्चना वर्मा: सचिव स्तर पर पदोन्नत (गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग का प्रभार संभालेंगी)
इसके साथ ही मृत्युंजय कुमार नारायण (रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त) और संतोष कुमार यादव (चेयरमैन, NHAI) सहित कई अन्य अधिकारियों के दायित्वों का तालमेल भी तय किया गया है।
पंजाब दस्तक का नजरिया:
परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों के गुस्से के बीच केंद्र सरकार ने नौकरशाही में फेरबदल करके यह साफ संदेश दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही पर अब ज़ीरो टॉलरेंस रहेगा। अब देखना होगा कि इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद शिक्षा और अन्य मंत्रालयों के कामकाज में कितनी तेजी आती है।
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