कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान

नीरज भारती का निष्कासन और सीएम सुक्खू की ‘नशेड़ी’ वाली टिप्पणी: हिमाचल कांग्रेस में बढ़ा सियासी उबाल

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​ब्यूरो चीफ: सुरेंद्र राणा
पंजाब दस्तक
​शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के भीतर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सामने आ रहे बयानों ने राज्य की सियासत में ‘बारूद’ का काम किया है। हालिया घटनाक्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पूर्व सीपीएस नीरज भारती पर की गई तीखी टिप्पणी ने विवाद को और अधिक गहरा दिया है।


​सीएम सुक्खू का पलटवार
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नीरज भारती द्वारा सरकार के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने नीरज भारती को परोक्ष रूप से ‘नशेड़ी’ करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान भारती द्वारा सरकार के कामकाज पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में आया है।


​पूर्व सीपीएस पर हुई बड़ी कार्रवाई
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। पार्टी अनुशासन समिति ने पहले भारती को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन जब मामला नहीं सुलझा, तो पार्टी ने उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी के इस कदम को अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।


​परिवार और सियासत का जटिल समीकरण
यह विवाद राजनीतिक हलकों में इसलिए भी विशेष चर्चा का विषय है क्योंकि नीरज भारती, वर्तमान सुक्खू सरकार में कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार के सुपुत्र हैं। एक तरफ पिता सरकार का हिस्सा हैं और मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुत्र का सरकार के खिलाफ मुखर होना कांग्रेस के भीतर की गहरी दरारों को उजागर करता है।


​विवाद पर अभी भी बरकरार है तनाव
निष्कासन के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि राजनीतिक माहौल शांत होगा, लेकिन नीरज भारती ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। वे लगातार विभिन्न मंचों से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। फिलहाल, प्रदेश कांग्रेस के भीतर का यह घमासान सरकार की स्थिरता और अनुशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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