महिला आरक्षण बिल पर घमासान, हिमाचल कांग्रेस सरकार के मंत्री बोले ये महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन करके राजनीतिक लाभ की थी कोशिश

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शिमला:सुरेंद्र राणा:महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पास न होने को कांग्रेस बड़ी जीत बता रही हैं हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बिल गिरने के बाद अब भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश थी, जिसका विपक्ष ने सदन में डटकर मुकाबला किया। भाजपा द्वारा कांग्रेस पर महिला विरोधी होने के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधा हैं।

मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में कहा कि असली महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही पारित हो चुका था, लेकिन उसे लागू करने की बजाय भाजपा ने रोक कर रखा। संशोधन के जरिए भाजपा आरक्षण के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती थी। बिल की आड़ में देशभर में परिसीमन लागू कर राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति बनाई जा रही थी, खासकर बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखकर सब किया जा रहा था।अब जनता इस रणनीति को समझ चुकी है कांग्रेस पार्टी ने 1996 में सबसे पहले महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा नेगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को सबसे बड़ा संगठन बताता है, उसमें महिलाओं की भागीदारी नहीं है। उसमें नीकर वाले ही हैं। अब नीकर से पेंट में आ गए लेकिन कोई महिला इसमें नहीं हैं।

वहीं चेस्टर हिल मामले में भी जगत सिंह नेगी ने कहा कि CPIM द्वारा मुद्दा उठाने से पहले ही उन्होंने इसकी जांच के डीसी को आदेश दे दिए हैं। अगर इसमें किसी भी तरह की अनियमितताएं हुई है तो सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। डीसी को जांच के लिए फ्री हैंड दिया गया है और अगर डीसी पर कोई दबाव बनाने की कोशिश करता है तो डीसी उनसे बात कर सकते हैं सरकार दवाब बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। धारा 118 की उल्लंघना को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।

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