पंजाब दस्तक विशेष: ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की रिपोर्ट: भरमौर में जन आक्रोश: बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक रिक्तियों को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल
भरमौर (हिमाचल प्रदेश): देवभूमि हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में आज जन आक्रोश फूट पड़ा। बुनियादी सुविधाओं के अभाव, सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और लंबे समय से रिक्त पड़े प्रशासनिक पदों को लेकर स्थानीय जनता और जन प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।सड़कों की बदहाली और अधिकारियों की कमी पर सवाल:प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से नेशनल हाईवे 154-A (NH 154-A) की दयनीय स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया। स्थानीय नेताओं का कहना है कि सरकार नियमित रूप से अधिशासी अभियंता (XEN) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां नहीं कर पा रही है। भरमौर और पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में XEN (NH), XEN (PWD) और बीडीओ (BDO) जैसे अधिकारियों के पद खाली होने या प्रतिनियुक्ति के भरोसे चलने के कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।प्रशासन को चेतावनी:वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे राजनीतिक दलों के पिछलग्गू बनकर काम न करें। नेताओं ने कहा कि यदि अधिकारियों को राजनीति का इतना ही शौक है, तो वे सरकारी नौकरी छोड़कर मैदान में आएं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वे आम जनता और गरीबों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करें, न कि किसी विशेष राजनीतिक दल के दबाव में।भ्रष्टाचार और भाई-भरीजावाद के आरोप:प्रदर्शन के दौरान सुखू सरकार पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि भरमौर विधानसभा क्षेत्र में बिना पैसे दिए काम नहीं हो रहे हैं और पंचायती राज के रोस्टर में भी धांधली की कोशिश की गई थी, जिसे बाद में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सुधारना पड़ा।आगामी रणनीति:स्थानीय जनता ने निर्णय लिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी (SDM) के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और रिक्त पदों को नहीं भरा गया, तो यह आंदोलन गांव-गांव और गली-मोहल्ले तक ले जाया जाएगा।
