ऊना/हरोली (सुरेंद्र राणा): हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पोलियां बीत में ₹2500 करोड़ की लागत से बनने वाले देश के प्रतिष्ठित बल्क ड्रग पार्क के दूसरे चरण के लिए ₹250 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
विकास की मुख्य कड़ियां:
धरातल पर उतरा काम: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ₹250 करोड़ की यह राशि पार्क के साइट डेवलपमेंट, बिजली आपूर्ति और आंतरिक सड़कों के निर्माण पर खर्च की जा रही है ताकि उद्योगों को तुरंत जमीन उपलब्ध कराई जा सके।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार: इस मेगा प्रोजेक्ट के पूर्ण होने पर हरोली और ऊना जिला के लगभग 20,000 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खुलेंगे, जिससे क्षेत्र से पलायन रुकेगा।
कनेक्टिविटी पर जोर: पार्क की सफलता के लिए ₹3400 करोड़ की रेलवे लाइन के सर्वे और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना पर भी मुहर लगाई गई है।
स्थानीय विकास को प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने हरोली में कामकाजी महिलाओं के लिए ₹10 करोड़ के हॉस्टल और अन्य नागरिक सुविधाओं को विकसित करने का भी भरोसा दिया।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र राणा का विश्लेषण:
हरोली में बन रहा यह पार्क केवल एक औद्योगिक परिसर नहीं है, बल्कि यह हिमाचल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का केंद्र बनाएगा। एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के उत्पादन में यह पार्क विदेशों पर निर्भरता कम करेगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे और बजट आवंटन से साफ है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए गंभीर है।
”हरोली अब केवल कृषि नहीं, बल्कि वैश्विक फार्मा उद्योग की पहचान बनेगा। जून तक बड़े निवेशकों के साथ एमओयू (MoU) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।” — मुख्यमंत्री
