चंडीगढ़, सुरेन्द्र राणा: चंडीगढ़ में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच ट्रैफिक पुलिस चौकन्नी हो गई है। ट्रैफिक पुलिस कई महीनों तक मैनुअल चालान और वाहनों की चेकिंग में ढील देने के बाद सख्ती शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर अपराध पर भी देखने को मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार पिछले करीब 2-3 महीनों तक ट्रैफिक पुलिस ने न तो वाहनों को रोककर जांच की और न ही मैनुअल चालान काटे। अधिकारियों के स्तर पर भी चालान न करने को लेकर सख्त हिदायतें थीं, जिसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्त्व बेखौफ सडक़ों पर घूमते रहे। इस दौरान शहर में तेजी से आपराधिक वारदातें बढ़ीं। 17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, 18 मार्च को सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या और 22 मार्च को सेक्टर-38 में युवक पर फायरिंग के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पुलिस को 24 घंटे नाके लगाने और सघन चैकिंग करने के आदेश दिए गए। 23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए, जबकि 757 वाहनों को जब्त किया गया। 28 मार्च से ड्रंक एंड ड्राइविंग के खिलाफ विशेष नाके शुरू किए गए, जिनमें 177 चालान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के किए गए। पिछले कई महीनों से ड्रंक एंड ड्राइविंग नाके नहीं लग रहे थे।
