shimla, सुरेंद्र राणा:राज्यसभा चुनाव से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को हिमाचल हाईकोर्ट से झटका लगा है। न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने सिंघवी की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भाजपा सांसद हर्ष महाजन की ओर से पेश की गई 18 गवाहों की सूची पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सूची को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सबूत पेश करना प्रतिवादी का अधिकार है। केस में कुछ मुख्य मुद्दों को साबित करने की जिम्मेदारी हर्ष महाजन पर है, इसलिए वह अपनी पसंद के गवाहों के माध्यम से पक्ष रखने के हकदार हैं।
कोर्ट ने सिंघवी की उस दलील को नहीं माना, जिसमें गवाहों की सूची को फालतू और परेशान करने वाला बताया था। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे लगे कि यह केवल समय बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है। सिंघवी की ओर से पहले पेन ड्राइव, जिसमें गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग थी, उसकी सत्यता से इन्कार किया था। कोर्ट ने कहा कि जब दस्तावेज को नकारा गया है, तो प्रतिवादी को उसे गवाहों के जरिये साबित करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मामले को अब 20 अप्रैल को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। उस दिन हर्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने की तारीख तय की जाएगी। अदालत ने दोनों पक्षों को सख्त हिदायत दी है कि मामले में बेवजह स्थगन न मांगा जाए।
