पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: कांगड़ा भाजपा में ‘फोटो पॉलिटिक्स’ से सियासी घमासान: पुरानी रंजिश ने फिर पकड़ी धार, क्या एयरपोर्ट विस्तार बना विवाद की वजह?गगल
(कांगड़ा):उपराष्ट्रपति के आगमन पर कांगड़ा एयरपोर्ट से जो तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं, उन्होंने भाजपा के भीतर सुलग रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर वायरल होती दो अलग-अलग तस्वीरों ने न केवल सियासी बवाल मचाया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि भाजपा के दो दिग्गजों—पवन काजल और सुधीर शर्मा—के बीच की खाई अभी भरी नहीं है।एक फ्रेम, दो कहानियां: कैमरे से निकली हकीकतस्वागत समारोह के दौरान बीके ठाकुर द्वारा खींची गई मूल तस्वीर ने राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सुधीर शर्मा ने जो तस्वीर साझा की, उसमें मंच और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी नेता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। लेकिन वही तस्वीर जब विधायक पवन काजल के सोशल मीडिया पर पहुंची, तो उसमें से सुधीर शर्मा का चेहरा गायब था। इस ‘डिजिटल कैंची’ ने पार्टी के भीतर चल रही वर्चस्व की जंग को चौराहे पर खड़ा कर दिया है।कांग्रेस के दौर से भाजपा तक: 2019 से गहराई खाईराजनीतिक पंडितों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच यह तल्खी नई नहीं है। यह खींचतान उस दौर से चली आ रही है जब दोनों कांग्रेस में हुआ करते थे। जानकारों का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान इनके बीच जो दरार पैदा हुई थी, वह भाजपा में आने के बाद भी कम नहीं हुई। अब दोनों ही नेता भाजपा के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने की होड़ में हैं, जिससे यह ‘शीत युद्ध’ अब ‘फोटो वार’ में बदल गया है।एयरपोर्ट विस्तार: क्या यही है ताज़ा विवाद की जड़?खबर यह भी है कि पिछले कुछ दिनों से गगल एयरपोर्ट विस्तार को लेकर जो राजनीतिक दबाव की स्थिति बनी हुई है, उसे लेकर भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद गहराए हैं। अपने-अपने क्षेत्र के हितों और राजनीतिक साख को लेकर चल रही यह खींचतान अब सार्वजनिक कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल को भी प्रभावित करने लगी है।सुरेंद्र राणा का विशेष विश्लेषण: “यह केवल एक तस्वीर क्रॉप करने का मामला नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि कांगड़ा और धर्मशाला की राजनीति किस दिशा में जा रही है। एक ही दल में होने के बावजूद अलग-अलग अंदाज और पुरानी रंजिशों का यह मेल भाजपा के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है।”
