दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने एक साथ चार मंत्रालयों की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश को आश्वस्त किया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और पैनिक बुकिंग की कोई आवश्यकता नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अमरीका, इजरायल और ईरान के साथ निरंतर कूटनीतिक संपर्क में है। राहत की बड़ी खबर यह है कि भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ ने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर लिया है और वे 16-17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला पोर्ट पहुंच जाएंगे। दोनों जहाज कुल 92,700 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज मौजूद हैं। इनमें छह एलपीजी और एक एलएनजी टैंकर शामिल हैं, जो घरेलू रसोई गैस और बिजली उत्पादन के लिए अनिवार्य हैं। इसके अलावा, चार क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) टैंकर और एक केमिकल प्रोडक्ट ले जाने वाला जहाज भी वहां मौजूद है। चार मंत्रालयों की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत इस पूरे संकट पर पैनी नजर रखे हुए है। भारत वर्तमान में अमरीका, इजरायल और ईरान के साथ निरंतर कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से संपर्क में बना हुआ है। इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।पश्चिम एशिया में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है, जिससे भारत के आर्थिक हित जुड़े हैं। सरकार कूटनीतिक माध्यमों से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा जरूरतों और समुद्री व्यापारिक मार्गों में कोई बाधा न आए। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट के बीच देश को आश्वस्त किया है कि भारत के पास उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा भंडार मौजूद है। विदेश सचिव रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार कूटनीतिक चैनलों के जरिए आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रख रही है, ताकि तनाव के बावजूद किसानों को खाद की कोई किल्लत न हो। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी जरूर चिंता का विषय है, लेकिन स्टॉक खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पैनिक बुकिंग पर चिंता जताई है, जो अचानक 75 लाख से बढक़र 88 लाख प्रतिदिन पहुंच गई है। भारत में सामान्य दिनों में लगभग 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। ईरान युद्ध के बीच इसकी जमाखोरी करने की जरूरत नहीं है। 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है और कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक और घरेलू स्तर पर बायोमास और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को एक महीने के लिए अनुमति दे दी है। यह फैसला सर्दियों में बढऩे वाले प्रदूषण और ऊर्जा की बढ़ती मांग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सर्दियों के दौरान घरेलू एलपीजी की निर्बाध सप्लाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आम जनता को रसोई ईंधन की किल्लत न हो।
