शिमला, सुरेंद्र राणा: राजधानी शिमला में एलएसडी तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये जानकारी एएसपी शिमला अभिषेक ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि बीते दिनों पुलिस थाना न्यू शिमला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान पुलिस ने संदीप शर्मा निवासी तहसील धर्मकोट, जिला मोगा (पंजाब) और प्रिया शर्मा निवासी ददाहू, जिला सिरमौर को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 562 स्टैम्प साइज स्ट्रिप्स यानी करीब 11.570 ग्राम एलएसडी बरामद की गई थी।
पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एलएसडी के सप्लायर की पहचान की। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने नविएल हैरिसन (27) निवासी कालीकट, केरल को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि संदीप शर्मा और नविएल हैरिसन लंबे समय से संपर्क में थे और एलएसडी की तस्करी कर रहे थे। पुलिस को यह भी पता चला कि संदीप शर्मा सामान्य फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं करता था और केवल व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करता था।प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि संदीप शर्मा बदले में नविएल हैरिसन को कैनाबिस (गांजा) भी उपलब्ध करवाता था। मामले में आगे की जांच जारी है और इस ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एएसपी अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस द्वारा इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 77 मामले दर्ज कर 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 14 आरोपी बाहरी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत-नेपाल बॉर्डर से बैकवर्ड लिंकज के तहत पकड़े गए हैं। इसके अलावा पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले 48 दिनों में 30 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
