बिलासपुर, ओमांशी: वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और तेल कंपनियों के बढ़ते वित्तीय घाटे के कारण ईंधन वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन (एचपीपीडीए) द्वारा लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णय के तहत अब सोमवार यानी नौ मार्च से डीलरों को दी जाने वाली दो से चार दिनों की उधार (क्रेडिट) सुविधा पूर्णतया बंद कर दी जाएगी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं सुकुमार सर्विस स्टेशन बिलासपुर के संचालक सुकुमार सिंह ने प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और आम उपभोक्ताओं को सूचित किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और तेल कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल) के भारी घाटे को देखते हुए एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब डीलरों को दी जाने वाली दो से चार दिनों की उधार (क्रेडिट) सुविधा बंद कर दी गई है।एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि जो सरकारी विभाग, निर्माण इकाइयां और निजी संस्थान अब तक क्रेडिट पर डीजल या पेट्रोल लेकर अपने कार्य संचालित करते थे, कोई भी उधार सुविधा नहीं दी जा सकेगी। तेल कंपनियों को सरकार से समय पर भुगतान न मिलने के कारण अब कंपनियों ने कैश एंड कैरी मॉडल अपना लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि वैश्विक युद्ध के चलते सप्लाई चेन में आ रही कठिनाइयों और क्रेडिट बंद होने से प्रदेश के चलते हुए व्यापारिक सिस्टम में नया कष्ट पैदा हो सकता है। यदि समय रहते भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई, तो परिवहन और विकास कार्यों में बाधा आना स्वाभाविक है।सहयोग की अपीलहिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुकुमार सिंह ने सभी सरकारी व निजी ग्राहकों से पुरजोर अपील की है कि वे इस वैश्विक संकट और तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति को समझते हुए सहयोग करें। सोमवार से पहले अपनी बैंकिंग और नकद भुगतान की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें, ताकि ईंधन आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
