शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कल यानी 5 मार्च नामांकन की अंतिम तिथि है, लेकिन बहुमत वाली कांग्रेस सरकार अब तक अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है। पिछले राज्यसभा चुनाव में बहुमत के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था, जिससे सबक लेते हुए इस बार पार्टी अंतिम समय तक रणनीति साधे हुए है। मुख्यमंत्री ने आज स्पष्ट किया कि इस बार कांग्रेस हिमाचल प्रदेश से ही उम्मीदवार उतारेगी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि बाहरी चेहरा उतारे या प्रदेश का। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अपना प्रत्याशी “छुपाकर” रखे हुए है। हालांकि जयराम ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा इस बार किसी तरह की “छेड़खानी” के मूड में नहीं है और पूरी रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
अब सबकी नजरें कांग्रेस की अंतिम घोषणा पर टिकी हैं कि पार्टी किस चेहरे पर दांव खेलती है और क्या पिछली हार से सबक लेकर इस बार समीकरण साध पाती है।
