शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से जारी ‘हिम बस कार्ड’ योजना को प्रदेश भर में व्यापक रुझान मिला है। एचआरटीसी के पास अब तक एक लाख 80 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एक लाख 55 हजार कार्ड तैयार कर लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार शेष कार्ड भी चरणबद्ध तरीके से बनाए जा रहे हैं। एचआरटीसी के एमडी निपुण जिंदल ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 31 मार्च से हिम बस कार्ड व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू कर दी जाएगी।
इसके बाद मुफ्त एवं रियायती यात्रा का लाभ केवल वैध कार्ड धारकों को ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद जिन यात्रियों के पास कार्ड नहीं होगा, उन्हें मुफ्त या छूट के साथ यात्रा की सुविधा नहीं दी जाएगी। एचआरटीसी के एमडी निपुण जिंदल ने बताया कि एचआरटीसी ने अपनी लगेज पॉलिसी के तहत पार्सल और कंसाइनमेंट सेवा को भी सुदृढ़ करने की पहल की है। शिमला, रामपुर और चिडग़ांव क्षेत्रों में डीडीटीसी के साथ समझौता किया गया है। पहले चरण में प्रमुख स्टेशनों से कोरियर कंसाइनमेंट भेजे जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में दुर्गम क्षेत्रों तक भी कूरियर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पार्सल को बसों के लगेज स्पेस में सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा और सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस पहल से जहां आम लोगों को पार्सल भेजने की सुविधा मिलेगी, वहीं निगम की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। एचआरटीसी का मानना है कि हिम बस कार्ड और नई लगेज सेवा से यात्रियों को बेहतर सुविधा व निगम को आर्थिक मजबूती मिलेगी।कार्ड निर्माण प्रक्रिया तेजएचआरटीसी के एमडी निपुण जिंदल ने कहा कि कार्ड निर्माण प्रक्रिया को तेज करने के लिए एचआरटीसी ने अतिरिक्त प्रिंटिंग मशीनें स्थापित की हैं। यात्री बस अड्डों और निगम के अधिकृत काउंटरों पर जाकर हिम बस कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए पात्र लोग समय रहते कार्ड बनवा लें।
