प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को द्विपक्षीय मीटिंग में आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने नवाचार (इनोवेशन), रक्षा, कृषि, तकनीक और अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इन समझौतों का मकसद नई तकनीकों का विकास, खेती में आधुनिक तरीकों को अपनाना और स्टार्ट-अप व शोध के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाना है। मीटिंग के बाद ज्वाइंट प्रेस कान्फ्रेंस में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने बताया कि इजराइल में भी अब भारत का यूपीआई पेमेंट सिस्टम चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जल्द इजराइल के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) करेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, लोकतंत्र और इनसानी मूल्यों पर बने हैं। अब इस रिश्ते को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने का फैसला हुआ है। यह दोनों देशों के लोगों की उम्मीदों को दर्शाता है। दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करने की कोशिश होगी। एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिज जैसे क्षेत्रों में साथ काम होगा। इजरायल में यूपीआई इस्तेमाल के लिए समझौता हुआ है।रक्षा क्षेत्र में दोनों दोशों का भरोसेमंद सहयोग है, जिसे और बढ़ाया जाएगा। ज्वाइंट डिवेलपमेंट, प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर काम होगा। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस सेक्टर में भी साझेदारी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग पहले से सफल रहा है। भारत में इजरायल की मदद से बने सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की संख्या 100 तक बढ़ाई जाएगी। गांव-गांव तक नई खेती तकनीक पहुंचाने के लिए विलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। इससे किसानों की आय और उत्पादन बढ़ेगा। इससे पहले इजरायल दौर के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को सबसे पहले यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्हेंाने इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। इस दौरान इसाक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है। वहीं, पीएम मोदी ने इजरायली राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता दिया।
