शिमला (ब्यूरो चीफ, सुरेंद्र राणा):हिमाचल प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति सुधारने और उनकी उम्र (लाइफ) बढ़ाने के लिए एक नई अधिसूचना जारी की है। इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत सड़क किनारे स्थित सभी भवनों, होटल और व्यावसायिक संस्थानों के लिए स्वच्छता और जल निकासी के नियमों को स्पष्ट किया गया है।नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु:नालियों का प्रबंधन: सड़क किनारे स्थित संस्थानों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर का कचरा या मलबा सार्वजनिक नालियों में न जाए। नालियों के बंद होने से पानी सड़क की ऊपरी सतह पर जमा हो जाता है, जिससे डामर को नुकसान पहुँचता है।समान नियम: यह नियम सार्वजनिक और व्यावसायिक संस्थानों पर समान रूप से लागू है। अधिसूचना के अनुसार, यदि सड़क या नाली में कचरा पाया जाता है, तो संबंधित पक्ष से 1000 रुपये का शुल्क/जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है।सड़क की सुरक्षा: सड़क के बीचों-बीच किसी भी प्रकार की गंदगी या बाधा न हो, इसके लिए प्रशासन और स्थानीय पुलिस को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।पंचायत की भूमिका: स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रधानों को इन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है।सरकार का यह कदम सड़कों को टिकाऊ बनाने और मरम्मत पर होने वाले अतिरिक्त सरकारी खर्च को कम करने की दिशा में एक प्रशासनिक पहल है।
