आरडीजी रोकने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंत्रिमंडल संग खडग़े और राहुल गांधी के साथ की बैठक

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शिमला, सुरेंद्र राणा; मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगवाई में राज्य का मंत्रिमंडल आरडीजी बंद करने के विरोध में दिल्ली में धरना दे सकता है। लोकसभा और राज्यसभा या जंतर मंतर पर यह धरना हो सकता है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली गए प्रदेश के मंत्रियों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुुन खडग़े और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दो अलग-अलग बैठकें की। एक बैठक अमरीका के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से सेब उत्पादकों पर बने खतरे को लेकर थी और इसी बैठक में मनरेगा को लेकर भी रणनीति बनी। दोनों मामलों में लोगों के बीच जाने के निर्देश राहुल गांधी ने दिए हैं। किसानों और बागबानों के हित में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान से बड़ी रैलियों की शुरुआत हो रही है। इसके बाद दूसरी बैठक में प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के मामले में चर्चा हुई। राहुल गांधी ने निर्देश दिए हैं कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लोकसभा और राज्यसभा में उठाएगी। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने मीडिया से भी बात की।मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि जो केंद्र का रवैया चल रहा है, वह राज्यों को कमजोर करने का है। खासतौर पर कांग्रेस शासित राज्यों वहां पर जिस ढंग से फंडिंग को रोका जा रहा है। वह बात हमने अपनी लीडरशिप के सामने रखी है। दो-तीन घटनाक्रम ऐसे हुए हैं, जहां पर हिमाचल को बहुत भारी नुक्सान हुआ है। एक तो पहले आरडीजी का मसला है, वह बात हमने अपने लीडरशिप को बताई है कि हर साल हिमाचल को दस हजार करोड़ का नुकसान होने जा रहा है, क्योंकि पिछले पांच सालों में यह ग्रांट हमें 50 हजार करोड़ के आस पास हिमाचल प्रदेश को मिली थी। जो बिना किसी नोटिस बिना वार्निंग दिए अचानक बंद कर दी गई। राज्यों के अस्तित्व को थ्रेट किया जा रहा है। यह लड़ाई जो है, हम लडेंग़े और संभव हुआ तो बहुत जल्द जंतर-मंतर या फिर लोकसभा के बाहर राज्यसभा के बाहर पूरी कैबिनेट धरना देगी। कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल के आरडीजी के मसले को राज्य प्रभारी रजनी पाटिल राज्यसभा में उठाएंगी। मनरेगा को लेकर भी चर्चा हुई है। कांग्रेस इस मसले में निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।विदेशी सेब का मसला उठाएंगे राहुल गांधीलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया है कि हिमाचल के सेब बागबानों के मुद्दे को वह लोकसभा में उठाएंगे। खडग़े के घर पर हुई इस लंबी बैठक में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। हिमाचल के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने बताया कि एफटीए से हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग प्रभावित हो सकता है। अमरीका, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ से थोक में सेब आयात होने की आशंका है। इससे देश में उत्पादित सेब को अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे। केंद्र सरकार ने अमेरिका और न्यूजीलैंड के लिए आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत, जबकि यूरोपीय संघ के लिए 20 प्रतिशत कर दिया है। इस बैठक में आनंद शर्मा और रजनी पाटिल भी मौजूद थीं।

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