अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया है। भारत पर लगा 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ भी अब अवैध घोषित हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस (संसद) को है, राष्ट्रपति को नहीं। ट्रंप ने टैरिफ पर सुनवाई को लेकर कहा था कि अगर केस हारे तो देश बर्बाद हो जाएगा।कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। भारत पर लगाया गया टैरिफ अवैध घोषित होने के चलते अमरीका ने जो अब तक टैरिफ के नाम से भारतीय सामान पर टैक्स लगाया है, वह करीब 50 हजार करोड़ की राशि भी वापस करनी होगी। दरअसल, अप्रैल 2025 में ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए, ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।
