शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश में 102 और 108 एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल तीन दिन से लगातार जारी है। आज शिमला उपायुक्त कार्यालय के सामने सीटीओ चौक पर 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी ने प्रदर्शन किया। न्यूनतम वेतन और श्रम कानून की अनदेखी की मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सीटू के बैनर तले प्रदर्शन किया। इस मौके पर इन कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन पर उनका शोषण करने के आरोप भी लगाए। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से यह एंबुलेंस कर्मी बार-बार प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार और कंपनी के समक्ष रख रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर किसी भी स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों से प्रदेश भर में 1200 के करीब एंबुलेंस कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है . इनका कहना है कि इन कर्मियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है साथ ही ओवरटाइम करने का उन्हें एक भी पैसा नहीं दिया जा रहा है। उन्हें मात्र 12 हजार का वेतन दिया जा रहा है। जबकि एक मामले में हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार इन्हें न्यूनतम वेतन देने के आदेश दिए गए थे. यह कर्मी लंबे समय से न्यूनतम वेतन मजदूरी की मांग कर रहे हैं। लेकिन लगातार उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। इसके साथ मजदूरों और श्रमिकों के हक में बनाए गए श्रम कानूनों और कोर्ट के आदेशों को भी कंपनी द्वारा दरकिनार किया जा रहा है। दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन भी अब तानाशाही पर उतर आया है और अपने हक में आवाज उठाने वाले कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मजबूरन इन कर्मियों ने 5 दिन की यह हड़ताल रखी है जिसका आज तीसरा दिन है और हड़ताल के पांचवें दिन शिमला में प्रदेश भर के एंबुलेंस कर्मी मिलकर एक विशाल प्रदर्शन करने जा रहे हैं.
