केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से जुड़े ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की संविधान पीठ में गुरुवार को आठवें दिन भी सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि एक हिंदू आखिरकार तो हिंदू ही है और वह किसी भी मंदिर में जा सकता है। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली ये संविधान पीठ इस बात पर विचार कर रही है कि क्या धार्मिक संप्रदाय अपने विशिष्ट रीति-रिवाजों के आधार पर दूसरों को मंदिर में प्रवेश से रोक सकते हैं।
केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से जुड़े ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की संविधान पीठ में गुरुवार को आठवें दिन भी सुनवाई जारी रही। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि एक हिंदू आखिरकार तो हिंदू ही है और वह किसी भी मंदिर में जा सकता है। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली ये संविधान पीठ इस बात पर विचार कर रही है कि क्या धार्मिक संप्रदाय अपने विशिष्ट रीति-रिवाजों के आधार पर दूसरों को मंदिर में प्रवेश से रोक सकते हैं।
